NewDelhi : भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में बरी होने की खबर है. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. आज सोमवार को कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया.
Women wrestlers alleged sexual harassment case: Delhi's Rouse Avenue court acquits Brij Bhushan Sharan Singh and Vinod Tomar in the case https://t.co/ewuhyHvoS4
— ANI (@ANI) August 3, 2026
जान लें कि बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई, 2023 से नियमित जमानत पर बाहर थे. भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह के साथ ही सह आरोपी विनोद तोमर को भी बरी कर दिया गया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने उन्हें बरी करने का फैसला सुनाया.
मामले की तह में जायें तो छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये थे. यह देशभर में चर्चा का विषय बन गया था. देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये थे. थे. विपक्षी दल भाजपा पर हमलावर हो गये थे.
महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना), 354ए (यौन उत्पीड़न/यौन टिप्पणी), 354डी (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाये गये थे. 10 मई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किये थे.
ट्रायल कोर्ट ने आरोप तय करते समय कहा था कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य आईपीसी की धारा 354 और 354ए के तहत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं.
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