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पूर्व CJI वी रामसुब्रमण्यन NHRC के अध्यक्ष बने, राहुल और खड़गे ने कहा, यह मनमानी, हमारी राय दरकिनार की गयी...

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट के पूर्व CJI वी रामसुब्रमण्यन को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(NHRC) का अध्यक्ष नियुक्त किया जाना कांग्रेस का रास नहीं आया है. बता दें कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पूर्व CJI वी रामसुब्रमण्यन को सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष नियुक्त किया है. कांग्रेस ने उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए एक नोट जारी किया है. आरोप है कि आयोग के अध्यक्ष की सलेक्शन कमेटी में शामिल लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की राय दरकिनार कर दी गयी. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/12/ccc.jpg">

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चयन समिति की बैठक बुधवार को हुई थी

चयन समिति की बैठक बुधवार को हुई थी. कांग्रेस ने कहा कि बैठक में एक-दूसरे की सहमति लेने की परंपरा नजरअंदाज कर दी गयी. कहा कि इससे चयन समिति की विश्वसनीयता खंडित हुई. सभी की राय लेने के बजाय समिति ने बहुमत के आधार पर निर्णय लिया. हमारी वाजिब चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया गया,

राहुल-खड़गे ने  पूर्व जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन और जस्टिस केएम जोसेफ के नाम सुझाया था

रामसुब्रमण्यन को नियुक्त किये जाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा आयोग के अध्यक्ष बनाये गये थे. राहुल गांधी और खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन और जस्टिस केएम जोसेफ के नाम पर मुहर लगाई थी. कांग्रेस को दोनों नेताओं को कहना था कि NHRC महत्वपूर्ण संस्था है. इसका काम समाज में हाशिए पर पड़े वर्गों के लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा करना है. इसलिए NHRC अलग-अलग समुदायों की चिंताओं पर ध्यान दे. उनके मानवाधिकारों के उल्लंघन के प्रति संवेदनशील  रहे.

सलेक्शन कमेटी में सदस्यों की संख्या 6 होती है

बता दें कि जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन अल्पसंख्यक पारसी समुदाय से आते हैं. वे संविधान के प्रति अपने कमिटमेंट के लिए जाने जाते हैं. राहुल गांधी और खड़गे के अनुसार अगर उन्हें चेयरमैन बनाया जाता तो NHRC का देश के लिए समर्पण का मजबूत संदेश जाता. ईसाई समुदाय से आने वाले जस्टिस कुट्टियिल मैथ्यू जोसेफ ने भी ऐसे कई फैसले दिये हैं जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता और हाशिए पर पड़े वर्गों की सुरक्षा पर जोर देते हैं. कांग्रेस इन दोनों में से किसी को आयोग के अध्यक्ष पद पर देखना चाहती थी. सलेक्शन कमेटी में सदस्यों की संख्या 6 होती है. कमेटी में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति, संसद के दोनों सदनों के मुख्य विपक्षी दल के नेता और केंद्रीय गृहमंत्री होते हैं.  

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