Ranchi (Former CM Arjun Munda vehcle accident) : झारखंड के पूर्व सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने सुरक्षा में शामिल वाहनों की जर्जर स्थिति पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि सरकार की ओर से सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए वाहनों की स्थिति बेहद खराब है. यह सिर्फ उनकी सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि दिन-रात ड्यूटी करने वाले सुरक्षाकर्मियों की जिंदगी से भी जुड़ा है.
उल्लेखनीय है कि छह नवंबर की रात खूंटी से जमशेदपुर लौटते वक्त चौका के पास अर्जुन मुंडा के सुरक्षा काफिले में शामिल एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. हालांकि दुर्घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आया, लेकिन इस दुर्घटना ने राज्य वीवीआईपी की सुरक्षा काफिले पर एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है.
अर्जुन मुंडा ने बताया कि वाहनों की खराब स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. उनके अनुसार, उनके कार्यालय की ओर से 28 जुलाई 2024, 22 अगस्त 2024, 19 अप्रैल 2025, 11 सितंबर 2025, 9 मार्च 2026 और 29 जून 2026 को संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर वाहनों की जर्जर स्थिति और तकनीकी खराबियों की जानकारी दी गई थी.
अर्जुन मुंडा के मुताबिक उनके कार्यालय द्वारा बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद गृह विभाग ने 14 मार्च 2026 को आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया था. गृह विभाग के आदेश के बाद भी वाहन नहीं बदले गए.
अर्जुन मुंडा ने कहा कि खराब वाहनों की सामान्य मरम्मत कर उन्हें दोबारा सुरक्षा काफिले में शामिल कर दिया जाता है. कुछ दिनों बाद फिर तकनीकी खराबी सामने आ जाती है. शायद ही कोई दिन ऐसा गुजरता हो, जब इन वाहनों में कोई न कोई समस्या नहीं आती हो.

पूर्व सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के सुरक्षा काफिले में शामिल वाहन की स्थिति.
उन्होंने सुरक्षा काफिले के वाहनों में सायरन और झंडे जैसी पहचान संबंधी व्यवस्था नहीं होने पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि इसकी वजह से दूसरे वाहन चालकों को काफिले के गुजरने की जानकारी नहीं मिल पाती. कई बार अन्य वाहन काफिले के बीच में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
अर्जुन मुंडा ने क्षुब्ध होते हुए कहा कि ऐसा लगता है किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलेगी. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि मामले में संज्ञान ले. सुरक्षा काफिले के लिए सुरक्षित और तकनीकी रूप से दुरुस्त वाहन उपलब्ध कराये तथा पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाये.