Ranchi- झारखंड में बड़कगांव की पूर्व विधायक और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद का रांची में स्थित सरकारी आवास शनिवार को खाली कराया गया. मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात की मौजूदगी में पुलिस बल ने यह कार्रवाई की.
अंबा प्रसाद के विधायक रहते एचईसी सेक्टर-थ्री स्थित उन्हें आवास संख्या F-44 आवंटित किया गया था. इसी आवास को खाली कराया गया है. केयरटेकर की मौजूदगी में आवास खाली कराने की कार्रवाई की गई.
जिला प्रशासन के द्वारा प्रतिनियुक्त नियुक्त मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने बताया कि पूर्व में यह आवास विधायक के रूप में अंबा प्रसाद के नाम पर आवंटित था, लेकिन पिछले वर्ष यह आवास एक अधिकारी के नाम पर अलॉट हो गया था. इसके बाद से कई बार पूर्व विधायक अंबा प्रसाद को आवास खाली कराने का नोटिस दिया गया था. अंतिम नोटिस 02 नवंबर 2026 को ही दिया गया था और इसकी सूचना भी व्हाट्सएप के माध्यम से भी उन्हें दे दी गई थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया था.
प्रशासन की टीम ने आवास में रखे सामान की सूची तैयार की. इसके बाद सामान की सूची झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीसीएल) को सौंप दी गयी. इससे पहले झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने जिला प्रशासन से आवास खाली कराने का आग्रह किया था.
कॉरपोरेशन के आग्रह के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी की. इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. शनिवार को प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर सरकारी आवास खाली करा लिया.
खबरों के मुताबिक अंबा प्रसाद ने एचईसी स्थित अपने सरकारी आवास को जिला प्रशासन द्वारा खाली कराये जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण और अमानवीय करार देते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि उनका इस घर से विशेष लगाव है और वे दीपावली इसी आवास में मनायेंगी, भले ही इसके लिए उन्हें टेंट लगाकर क्यों न रहना पड़े.
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कई पूर्व विधायक अब भी सरकारी आवासों में रह रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनके मामले में ही इस तरह की कार्रवाई क्यों की गयी.