- - बिहार से अधिक झारखंड से मिलता है इनकम टैक्स.
- - 12 हजार करोड़ रुपये झारखंड से और 8 हजार करोड़ रूपये बिहार से
Ranchi: झारखंड और बिहार में सबसे अधिक टैक्स झारखंड से मिलता है. पिछले साल के 20 हजार के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 12 हजार करोड़ रुपये झारखंड से और 8 हजार करोड़ रूपये बिहार से मिला. झारखंड व बिहार के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डी सुधाकर राव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि झारखंड-बिहार में महेंद्र सिंह धोनी सबसे बड़े व्यक्तिगत कर दाता हैं. लेकिन उनके द्वारा चुकाये गये टैक्स की राशि की जानकारी नहीं दी जा सकती.
पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 12 व्यवसायिक समूहों के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में छापेमारी की कार्रवाई की गई थी. इसमें 150 से ज्यादा अलग-अलग व्यापारी शामिल थे.

गुरुवार को रांची में पत्रकारों से बात करते प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि टैक्स चोरी और कर नहीं चुकाने से संबंधित अलग-अलग व्यक्तियों और व्यापारियों के विरूद्ध झारखंड और बिहार में कुल मिलाकर 90 से ज्यादा मामलों में मुकदमा दायर किया गया. लेकिन उन्होंने इससे संबंधित व्यापारिक समूहों या लोगों के नामों की जानकारी देने से इंकार किया.
झारखंड और बिहार में कुल 40 लाख लोगों द्वारा आयकर रिटर्न दाखिल कर टैक्स जमा किया जाता है. जबकि दोनों राज्यों में पैन कार्ड धारकों की संख्या करीब पांच करोड़ है.
उन्होंने अपनी रांची यात्रा के उद्देश्य की चर्चा करते हुए कहा कि नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से प्रभावी है. इस नियम के प्रावधानों की चर्चा और किये गये संशोधनों के लाभ की जानकारी कारदाताओं को देने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट, व्यापारिक समूहों व अलग-अलग संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया गया.
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