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महाराष्ट्र के पूर्व सीएम मनोहर जोशी का हार्ट अटैक से निधन, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

Mumbai :  महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी का हार्ट अटैक से निधन हो गया. जोशी ने 86 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जोशी को बुधवार को दिल का दौरा पड़ा था. जिसके बाद उनको  मुंबई के पी डी हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे आईसीयू में थे. बताया कि जोशी की हालत बेहद गंभीर थी.

11  से  2 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जायेगा शव

मनोहर जोशी का शव आज 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रूपारेल कॉलेज, माटुंगा पश्चिम में उनके वर्तमान निवास पर अंतिम दर्शन करने रखा जायेगा. दोपहर 2 बजे उनकी शव यात्रा निकलेगी. राजकीय सम्मान के साथ दादर श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जोशी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि राज्य ने राजनीति का एक ‘‘सौम्य चेहरा’’ खो दिया है. जब जोशी मुख्यमंत्री थे तब गडकरी महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के सदस्य थे.

1995 से 1999 तक थे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

बता दें कि मनोहर जोशी साल 1995 से 1999 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे और वह अविभाजित शिवसेना से राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता थे. जोशी संसद के सदस्य भी चुने गये थे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 2002 से 2004 तक जोशी लोकसभा अध्यक्ष भी थे.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से राजनीतिक करियर की शुरुआत की

महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र में दो दिसंबर 1937 को जन्मे जोशी ने मुंबई के प्रतिष्ठित वीरमाता जीजाबाई तंत्रज्ञान संस्था (वीजेटीआई) से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी. उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने के साथ हुई और बाद में वह शिवसेना के सदस्य बन गये. जोशी 1980 के दशक में शिवसेना के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे. वह अपने संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते थे. पूर्व केंद्रीय मंत्री जोशी का विवाह अनघा जोशी से हुआ था जिनका 2020 में 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. जोशी के परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं.

जोशी ने शिक्षक के रूप में शुरू किया था अपना करियर

जोशी ने अपना करियर एक शिक्षक के रूप में शुरू किया था और 1967 में उन्होंने राजनीति की ओर रुख किया. वह चार दशक से अधिक समय तक शिवसेना से जुड़े रहे. वह 1968 से 1970 के दौरान मुंबई में नगर निगम पार्षद और 1970 में मुंबई नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे. वह 1976 से 1977 के दौरान मुंबई के महापौर थे. इसके बाद वह 1972 में महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए चुने गये. विधान परिषद में तीन कार्यकाल तक बने रहने के बाद जोशी 1990 महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गये और 1990 से 1991 के दौरान विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे. जोशी ने 1999 के आम चुनावों में मुंबई उत्तर-मध्य लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और वह बाद में केंद्रीय भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बने.
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