हाईकोर्ट का अहम फैसला, शरियत काउंसिल अदालत नहीं, तलाक सर्टिफिकेट जारी नहीं कर सकती
चंपाई सोरेन प्रति जताई सहानुभूति
पूर्व स्पीकर भोक्ता ने चंपाई सोरेन के नाम का जिक्र नहीं करते हुए लिखा है कि आपका दर्द समझ आया दादा, जब बाहरियों का तीर स्वयं को लगा. 34 साल सारठ विधानसभा क्षेत्र में जिस के सामंतवादी व्यवस्था के विरुद्ध झारखंड मुक्ति मोर्चा के सिद्धांतों के तहत लड़कर जनता को मुक्ति दिलाया. पार्टी ने उसी को सारठ का प्रतिनिधित्व करने के लिए टिकट दे दिया. फैसला जनता को नामंजूर.क्या है सारठ विधानसभा का इतिहास
सारठ विधानसभा 1952 में अस्तित्व में आया. इस विधानसभा सीट से अब कांग्रेस ने छह बार जीत हासिल की. झामुमो से तीन बार सारठ का किला फतह किया. दो बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने दो बार जीत हासिल की. इसके अलावा झारखंड पार्टी, राजद, झाविमो, झाजपा और निर्दलीय ने एक-एक बार जीत हासिल की. इसे भी पढ़ें - रांची">https://lagatar.in/ranchi-petition-challenging-speakers-election-rejected/">रांची: स्पीकर के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज [wpse_comments_template]
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