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प्रगतिशील लेखक संघ का चौथा जिला सम्मेलन,अध्यक्ष मंडल में डॉ मिथिलेश,प्रवीण परिमल व डॉ अयूब शामिल

 
Ranchi : रांची में रविवार को “ प्रेमचंद और साहित्य की प्रगतिशील धारा” पर विमर्श का आयोजन किया गया. यह विमर्श जिला प्रगतिशील लेखक संघ के चौथे सम्मेलन में हुआ. प्रलेस की झारखंड इकाई के महासचिव डॉ मिथिलेश ने कहा कि 1936 में भारतीय जनता जिस दौर से गुजर रही थी, उसमें प्रगतिशील बुद्धिजीवी ने संगठित होकर प्रलेस की स्थापना की थी. वह समस्याएं आज भी पहले की तरह बनी हुई है. आज साहित्यकारों का यह दायित्व है कि वे राष्ट्रीयता के वर्ग स्वरूप की पहचान करें. जनवादी राष्ट्रीयता और धार्मिक पुनरुत्थान वादी राष्ट्रीयता में फर्क समझें और समझाएं .

लोकजीवन को प्रगतिशीलता से जोड़ना बहुत जरूरी

प्रसिद्ध उपन्यासकार रणेन्द्र ने कहा कि आज के समय में यह पहचानना जरूरी है कि पूंजीवादी ताकतें हमें किस तरह अपनी जकड़ में ले रही हैं. प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के द्वारा धर्मनिरपेक्षता एवं सेक्युलरिज्म की जो लड़ाई लड़ी, उससे आज के संदर्भ में जागरूक होने की आवश्यकता है. हमें लोकजीवन को प्रगतिशीलता से जोड़ना बहुत जरूरी है.

किसानों की जो समस्याएं पहली थीं, अब भी बनी हुई है

प्रसिद्ध कहानीकार पंकज मित्र ने कहा कि प्रगतिशील लेखन की जिस भूमिका का निर्वहन कबीर कर रहे थे ,उसी परंपरा को 500 वर्ष बाद कथा सम्राट प्रेमचंद ने विकसित किया. कहानीकार कमल ने भी प्रगतिशील धारा पर विचार रखें. अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए साहित्यकार महादेव टोप्पो ने कहा की आज के समय में भी प्रेमचंद के पात्र हमें अपने आसपास मिल जाएंगे. किसानों की जो समस्याएं पहली थीं, अब भी बनी हुई है. इस अवसर पर प्रलेस के राज्य संरक्षक शशि कुमार भी मौजूद थे.

नई जिला समिति की घोषणा

प्रलेस के रांची जिला सम्मेलन में सर्वसम्मति से नई जिला समिति की घोषणा की गई. जिसमें संरक्षक मंडल के तौर पर महादेव टोप्पो, रणेन्द्र, डॉ पंकज मित्र और कमल के नाम प्रस्तावित हुए, जिसका सभी ने समर्थन किया. अध्यक्ष मंडल में डॉ मिथिलेश , प्रवीण परिमल व डॉक्टर अयूब, उपाध्यक्ष के तौर पर निशी प्रभा, डॉ परवेज हसन, प्रेमचंद उरांव के नाम की घोषणा की गई. जिला इकाई की सचिव के तौर पर डॉ प्रज्ञा गुप्ता और संयुक्त सचिव के तौर पर पार्वती तिर्की ,पंकज सिंह मुंडा ,सीता कुमारी और कोषाध्यक्ष के तौर पर डॉ भारती कुमारी के नाम की घोषणा हुई. कार्यकारिणी सदस्य में सूरज श्रीवास्तव, मदुरा केरकेट्टा, ममता बारा, श्वेता जायसवाल शामिल हैं. इसे भी पढ़ें – साइबर">https://lagatar.in/schools-of-jamtara-famous-for-cyber-fraud-are-getting-holiday-on-friday-since-1977/">साइबर

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