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मई में 9 माह के उच्चस्तर पर पहुंच गया था FPI का निवेश
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने अगस्त 2022 में शेयरों में शुद्ध रूप से 51,204 करोड़ रुपये डाले थे. वहीं मई में विदेशी निवेशकों ने शेयरों में 43,838 करोड़ का निवेश किया था. यह पिछले नौ माह में एफपीआई के निवेश का सबसे उच्च स्तर था. विदेशी निवेशकों ने अप्रैल में 11,631 करोड़ और मार्च में 7,936 करोड़ डाले थे. मार्च का निवेश मुख्य रूप से अमेरिका स्थित जीक्यूजी पार्टनर्स से आया था. जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी समूह की कंपनियों में पैसा लगाया था. जिसकी वजह से मार्च में एफपीआई का निवेश मार्च में सकारात्मक रहा था. इससे पहले एफपीआई ने 19 मार्च तक भारतीय इक्विटी में 11,500 करोड़ डाले थे. इसके अलावा इस साल के पहले दो माह यानी जनवरी-फरवरी में एफपीआई ने 34,000 करोड़ से अधिक की निकासी की थी. इसे भी पढ़ें : प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/cyclone-biparjoy-yoga-day-emergency-discussed-in-pm-modis-mann-ki-baat/">प्रधानमंत्रीमोदी के मन की बात में चक्रवात बिपारजॉय, योग दिवस, आपातकाल पर चर्चा
पूरे माह भारतीय शेयर बाजारों में रहेगी एफपीआई की रुचि
वित्तीय सलाहकार कंपनी क्रेविंग अल्फा के प्रमुख भागीदार मयंक मेहरा ने कहा कि मौजूदा निवेश के रुझान को देखते हुए उम्मीद है कि एफपीआई की रुचि पूरे जून महीने में भारतीय बाजारों के प्रति बनी रहेगी. कहा कि मौजूदा आर्थिक सुधार, कंपनियों की सकारात्मक आय और अनुकूल नीतिगत माहौल की वजह से एफपीआई का भारतीय बाजारों में सकारात्मक प्रवाह जारी रहेगा. मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय बाजार लगातार ऊपर चढ़ रहे हैं. जिसकी वजह से मूल्यांकन को लेकर चिंता पैदा हो सकती है. इसके अलावा सख्त नियामकीय नियमों की वजह से भी भारतीय बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-poor-farmers-will-get-pair-of-bulls-for-farming/">रांची: गरीब किसानों को खेती के लिए मिलेंगे जोड़ा बैल, पशुपालन कार्यालय ने मांगे आवेदन [wpse_comments_template]
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