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टैरिफ से लेकर ईरान युद्ध तक... ट्रंप की नीतियों पर बरसे जॉन बोल्टन, भारत को लेकर भी दी चेतावनी

Lagatar Desk : बोल्टन ने ट्रंप की व्यापार नीति और टैरिफ को लेकर कहा कि टैरिफ और आव्रजन जैसे मुद्दे मुख्य रूप से अमेरिकी कार्यकारी शाखा के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. लेकिन डेमोक्रेट्स रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ें तो ट्रंप की टैरिफ नीति को पलटने के लिए कानून ला सकते हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के मुताबिक, डेमोक्रेट्स सत्ता संभालने के बाद ऐसा विधेयक ला सकते हैं, जिसमें ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द करने का प्रावधान हो. ट्रंप इस विधेयक पर वीटो लगा सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से वे खुद एक बहुत खराब स्थिति में आ जाएंगे.
 
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन
  • ट्रंप को अर्थव्यवस्था की नहीं, बॉलरूम की चिंता है
  • 2028 के राष्टपति चुनाव के लिए ट्रंप से दूरी बना रहे जेडी वेंस
  • अमेरिका की घरेलू राजनीति और ट्रंप प्रशासन की उथल-पुथल के कारण भारत-अमेरिका के रणनीतिक रिश्ते और अहम विदेश नीति के मुद्दे पीछे छूट सकते
  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं जॉन बोल्टन

Lagatar Desk : ईरान युद्ध, बढ़ती ईंधन कीमतों और घरेलू राजनीतिक चुनौतियों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ही खेमे में सवालों के घेरे में हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने ट्रंप की प्राथमिकताओं पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्हें देश की अर्थव्यवस्था से ज्यादा अपने बॉलरूम की चिंता है. 

 

बोल्टन ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि वह 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले खुद को ट्रंप से अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका में घरेलू राजनीतिक उथल-पुथल के बीच विदेश नीति और भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों की अनदेखी हो सकती है.

 

ट्रंप के लिए आगे की राह आसान नहीं

जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की राजनीतिक और विदेश नीति संबंधी प्राथमिकताओं पर चिंता जताई है. उनका मानना है कि ट्रंप प्रशासन इस समय घरेलू राजनीति, चुनावी समीकरणों और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं में उलझा हुआ है. इसका असर अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय भूमिका पर पड़ सकता है.

 

बोल्टन ने ईरान युद्ध और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रंप की आलोचना की और कहा कि उन्हें अर्थव्यवस्था की नहीं, बॉलरूम की चिंता है. बोल्टन के मुताबिक, मिडटर्म चुनाव के बाद भी ट्रंप के अपने राजनीतिक रवैये में बदलाव की संभावना कम है. साथ ही चेतावनी दी कि डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाली कांग्रेस में ट्रंप को भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है.

 

 

ट्रंप से जेडी वेंस की दूरी का कारण राष्ट्रपति चुनाव

बोल्टन ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की राजनीतिक रणनीति पर भी टिप्पणी की. उनका कहना है कि वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को ध्यान में रखकर धीरे-धीरे ट्रंप से अपनी राजनीतिक पहचान अलग करने की कोशिश कर रहे हैं. ईरान युद्ध को लेकर वेंस की टिप्पणियों को बोल्टन ने राजनीतिक गलती करार दिया. 

 

 

डेमोक्रेट्स ट्रंप की टैरिफ नीति को पलटने के लिए कानून ला सकते हैं

बोल्टन ने ट्रंप की व्यापार नीति और टैरिफ को लेकर कहा कि टैरिफ और आव्रजन जैसे मुद्दे मुख्य रूप से अमेरिकी कार्यकारी शाखा के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. लेकिन डेमोक्रेट्स रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ें तो ट्रंप की टैरिफ नीति को पलटने के लिए कानून ला सकते हैं.

 

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के मुताबिक, डेमोक्रेट्स सत्ता संभालने के बाद ऐसा विधेयक ला सकते हैं, जिसमें ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द करने का प्रावधान हो. ट्रंप इस विधेयक पर वीटो लगा सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से वे खुद एक बहुत खराब स्थिति में आ जाएंगे. बोल्टन का मानना है कि अमेरिकी घरेलू राजनीति में बढ़ती खींचतान के कारण व्यापार और विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट सकते हैं.

 

 

भारत-अमेरिका संबंधों पर बोल्टन की चिंता

बोल्टन ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर भी टिप्पणी की. उनका मानना है कि अमेरिका और भारत के बीच बातचीत केवल व्यापार और टैरिफ विवादों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. दोनों देशों को कई अहम मुद्दों पर एक साथ चर्चा करने की जरूरत है. 

 

इनमें चीन की बढ़ती गतिविधियों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियां जैसे बड़े मुद्दे शामिल हैं. बोल्टन के मुताबिक, ट्रंप के पहले दो वर्षों में ऐसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट गए थे और उन्हें आशंका है कि अगले दो वर्षों में भी यही स्थिति बनी रह सकती है.

 

डेमोक्रेट्स की जीत मतदाताओं की नाराजगी का संदेश

अमेरिका के प्रमुख रिपब्लिकन राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत पर टिप्पणी करते हुए बोल्टन ने कहा कि मतदाता राजनीतिक रूप से थक चुके थे और राष्ट्रपति ट्रंप को संदेश देना चाहते थे. उनके मुताबिक, इन नतीजों को केवल स्थानीय चुनावों के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इन्हें ट्रंप की नीतियों और कार्यशैली को लेकर मतदाताओं की नाराजगी के संकेत के तौर पर भी समझना चाहिए.

 

 

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