NewDelhi : राहुल गांधी द्वारा लगातार गौतम अडानी पर आरोप लगाये जा रहे हैं कि शेल कंपनियों के जरिए अडानी समूह को 20 हजार करोड़ मिले हैं. वे इसका जवाब मांग रहे हैं. बदलते घटनाक्रम के बीच उद्योगपति गौतम अडानी के समूह ने इसका जवाब दिया है. समूह ने 2019 से अपनी कंपनियों में बेची गयी कुल 2.87 अरब डॉलर की हिस्सेदारी का ब्योरा दिया है. यह भी बताया है कि किस तरह इस राशि का 2.55 अरब डॉलर हिस्सा दोबारा व्यापार में लगाया गया.
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बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 60000 के पार, कोटक महिंद्रा के शेयर 4.52 फीसदी उछले अडानी समूह ने 20 हजार करोड़ का पूरा हिसाब सामने रखा है
जान लें कि अडानी समूह के इस स्पष्टीकरण को विदेशी अखबार की एक हालिया रिपोर्ट और देश में चल रहे राजनीतिक विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है. कांग्रेस की ओर से बार-बार अडानी समूह के 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर सवाल उठाये जा रहे हैं. राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि शेल कंपनियों के जरिए अडानी समूह को ये फंड मिले हैं. अब अडानी समूह ने इन आरोपों को नकारते हुए 20 हजार करोड़ का पूरा हिसाब सामने रखा है.
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गांधी मोदी सरकार पर हुई हमलावर, सीबीआई-ईडी के दुरुपयोग, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका को कमजोर करने का आरोप लगाया अडानी समूह ने कहा, हमें बर्बाद करने की प्रतिस्पर्धा चल रही है
अडानी समूह ने सोमवार को पिछले चार साल का पूरा हिसाब सार्वजनिक करते हु कहा कि समूह को बर्बाद करने की प्रतिस्पर्धा चल रही है. एक न्यूज एजेंसी के अनुसार अबू धाबी स्थित इंटरनैशनल होल्डिंग कंपनी जैसे निवेशकों ने अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड जैसी समूह की कंपनियों में 2.593 अरब डॉलर (लगभग 20,000 करोड़ रुपये) का निवेश किया, जबकि प्रमोटर्स ने 2.783 बिलियन डॉलर जुटाने के लिए अडाणी टोटल गैस लिमिटेड और अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की हिस्सेदारी बेची है.
विदेशी निकायों ने समूह की कंपनियों में 2.6 बिलियन डॉलर का निवेश किया
विदेशी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह को जो FDI मिले हैं, उनमें से ज्यादातर गौतम अडानी परिवार से जुड़ी विदेशी कंपनियों के जरिये आये हैं. खबरों के अनुसार, अडाणी से जुड़े विदेशी निकायों ने समूह की कंपनियों में 2017 से 2022 के दौरान कम से कम 2.6 बिलियन डॉलर का निवेश किया, जो इस दौरान समूह को मिले कुल 5.7 बिलियन डॉलर के FDI का 45.4 फीसदी है. रिपोर्ट से अलग राहुल ने आरोप लगाया है कि अडाणी समूह को शेल कंपनियों से 20 हजार करोड़ रुपये मिले. अडानी समूह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि खबरों में जिन निवेश के बारे में बातें की गयी हैं, उनके बारे में पहले ही सार्वजनिक चर्चा की जा चुकी है. जो भी फंड मिले हैं, उन्हें प्रमोटिंग बॉडीज ने अडाणी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अडानी ट्रांसमिशन और अडानी पावर लिमिटेड जैसी कंपनियों में वापस लगाया है. [wpse_comments_template]
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