Ranchi: कांटाटोली फ्लाईओवर का भविष्य 18 नवंबर को तय होगा. कौन सी कंपनी फ्लाईओवर के बचे हुए 78 फीसदी काम को पूरा करेगी, यह कल फाइनल होगा. जुडको कल फ्लाईओवर का टेंडर खोलेगी. इससे पहले 8 नवंबर को टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख रखी गई थी और 9 नवंबर को टेंडर खुलना था. लेकिन किसी भी बड़ी कंपनी ने फ्लाईओवर के निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखाई. छोटी कंपनियों के आने के कारण विभाग ने टेंडर जमा करने की तारीख 8 दिन बढ़ा दी. कल टेंडर खुलने के बाद पता चलेगा कौन सी कंपनी कांटाटोली फ्लाईओवर का उद्धार करेगी. इसे भी पढ़ें - दिल्ली-एनसीआर">https://lagatar.in/delhi-ncr-pollution-case-modi-governments-affidavit-in-sc-work-from-home-of-central-employees-is-not-possible/">दिल्ली-एनसीआर
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फ्लाईओवर निर्माण के लिए कैबिनेट ने 224.94 करोड़ की दी है प्रशासनिक स्वीकृति
गौरतलब है कि कैबिनेट ने 28 सितंबर को कांटाटोली फ्लाईओवर के बचे हुए काम को दोबारा शुरू करने के लिए 224.94 करोड़ रुपये (भू-अर्जन सहित) लागत की परियोजना पर प्रशासनिक स्वीकृति दी है. पूर्व में निर्धारित 1250 मीटर की जगह बनने वाले 2240 मीटर लंबे कांटाटोली प्लाईओवर का काम लेने वाली कंपनी को 24 महीने में काम कंप्लीट करना होगा. बता दें कि पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार ने जुलाई 2016 को इस फ्लाईओवर के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी. इसके बाद 2017 में फ्लाईओवर निर्माण करने के लिए एजेंसी का चयन हुआ. लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण जून 2018 से फ्लाईओवर निर्माण का काम शुरू हुआ. जून 2020 तक फ्लाईओवर तैयार करने की डेडलाइन थी. लेकिन सिर्फ 18 फीसदी ही काम पूरा हो पाया. यहां अब तक 132 पाये, दो कैप और एक पिलर की ही कास्टिंग हुई है.पहले बन रहा था 1250 मीटर, अब बनेगा 2040 मीटर लंबा फ्लाईओवर
प्लाईओवर की स्थिति पर हेमंत सरकार ने मई और जून 2020 में समीक्षा की थी. समीक्षा में पता चला कि फ्लाईओवर की पूर्व की लंबाई 1250 मीटर थी, जो YMCA से कोकर की तरफ से शांतिनगर तक बनना था. निर्माणाधीन फ्लाईओवर से केवल कांटाटोली चौराहे की यातायात को सुगम बनाया जा सकेगा. जबकि बहू बाजार के पास भी निरंतर जाम की स्थिति देखी जाती है. परियोजना की उपयोगिता को और बढ़ाने के उद्देश्य से फ्लाईओवर की लंबाई बहु बाजार की ओर योगदा सत्संग आश्रम के निकट से शुरू करने और कोकर की ओर फ्लाईओवर की लंबाई शांति नगर तक रखने का फैसला लिया गया. वहीं परियोजना की लागत 192 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 225 करोड़ (224.94 करोड़) हो गयी है. इसे भी पढ़ें – क्रिप्टोमार्केट">https://lagatar.in/recovery-in-cryptomarket-slight-gains-in-bitcoin-dogecoin-lost-14-percent-in-7-days/">क्रिप्टोमार्केटमें रिकवरी, बिटकॉइन में मामूली बढ़त, 7 दिन में 14 फीसदी टूटा Dogecoin [wpse_comments_template]
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