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गडकरी ने कहा- झारखंड सड़कों के मामले में बनेगा अमेरिका, अब पथ निर्माण विभाग भेज रहा 6000 करोड़ का DPR

 
Akshay Kumar Jha Ranchi : बीते शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन">https://en.wikipedia.org/wiki/Nitin_Gadkari">नितिन

गडकरी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देश के कई मुख्यमंत्रियों से मुखातिब थे. झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन भी इनमें एक थे. बाकी मुख्यमंत्रियों की तरह हेमंत सोरेन ने भी केंद्रीय मंत्री से बात की. उन्होंने शिकायती लहजे में कहा कि एनएचआई को झारखंड की परियोजनाओं के लिए केंद्र से काफी कम पैसा दिया जाता है. इसे भी पढ़ें : राफेल">https://english.lagatar.in/rafael-brokerage-case-macron-olland-and-french-anti-corruption-services-all-eyes-closed/46549/">राफेल

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गडकरी ने कहा- हमारे पास पैसे की कमी नहीं है

इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपका सालाना बजट 675 करोड़ रुपये का है. इसे बढ़ाकर पांच हजार करोड़ का कर दिया जाता है. कहा कि हमारे पास पैसे की कमी नहीं है. आपको जितनी सड़क, पुल और दूसरी चीजें मांगनी हैं, आप डिमांड करें. अच्छे अधिकारी दें और मंत्रालय को योजना भेजें. पैसों की कमी नहीं होने दी जायेगी. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन सालों में झारखंड में पश्चिमी यूरोप और अमेरिका की तरह सड़कें देखने को मिलेगी. इसपर हेमंत सोरेन ने नितिन गडकरी को धन्यवाद कहा.

6000 करोड़ का  DPR भेजने का दिया निर्देश

शनिवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हेमंत सोरेन की वार्ता के बाद अब पथ निर्माण विभाग रेस है. विभाग के अधिकारियों को साफ निर्देश दे दिया गया है कि केंद्रीय मंत्री के आश्वासन को धरातल पर लाना है. सीएमओ ने विभाग को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को 6000 करोड़ का डीपीआर बनाकर भेजने का निर्देश दिया है. विभाग के सचिव और इंजीनियर जोरशोर से तैयारी में जुट गये हैं. अप्रैल में ही 6000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों का डीपीआर केंद्र को भेजने की योजना है.

चार सालों में केंद्र से मिली सबसे ज्यादा राशि

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय हर साल राज्य में सड़क बनाने के लिए एनएचएआई को पैसा देता है. पिछले चार साल के आंकड़े बताते है कि केंद्र की तरफ से मिलने वाली यह राशि काफी कम रही है.
  • 2017-18    — 205.70 करोड़
  • 2018 - 19  — 169.72 करोड़
  • 2019 - 20  — 486 करोड़
  • 2020-21    — 675 करोड़
इन चार सालों में सबसे ज्यादा राशि पिछले वित्त वर्ष में दी गयी है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री वे भरोसा दिलाया है कि झारखंड को 5000 करोड़ की योजनाएं केंद्र द्वारा दी जाएंगी. https://english.lagatar.in/union-minister-arjun-munda-corona-positive-tweeted-information/46516/

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