Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

गडकरी ने कहा, पैसे की कमी नहीं है, हम सोने की खदानों पर बैठे है, 26 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं

Advertisement
Advertisement
 NewDelhi :  पैसे की कोई कमी नहीं है. हम सोने की खदानों पर बैठे हैं. हमारे पास टोल राजस्व है और यह बढ़ रहा है. हमें कोई समस्या नहीं है. यह बात  केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कही. वे कल शुक्रवार को एक निवेशक शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे. बताया कि हम 26 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं और करीब दो लाख करोड़ रुपये की टनल का निर्माण करेंगे. इस क्रम में निवेशकों को आश्वासन दिया कि देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आंतरिक दर (आईआरआर) बहुत अधिक है और उन्हें इस क्षेत्र में अपने निवेश के बारे में चिंता नहीं करें. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diary-18-december-2021/">सुबह

की न्यूज डायरी।18 दिसंबर।मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट जल्द।बोधगया ब्लास्ट केस में फैसला।देश में तीसरे वैक्सीन को मंजूरी।तारिख फतह का फर्जी ट्वीट।समेत कई खबरें और वीडियो

2-3 साल में हमारे वाहन इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित हो जायेंगे

कहा कि हमें लॉजिस्टिक लागत कम करने और मल्टीमॉडल इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत है, जिससे विनिर्माण, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी.  गडकरी ने कहा कि हम जल्द ही फ्लेक्स इंजनों पर एक एडवाइजरी जारी कर रहे हैं. 2-3 साल में हमारे वाहन इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित हो जायेंगे. इलेक्ट्रिक वाहन की रनिंग कॉस्ट पेट्रोल वाहनों के समान या उससे कम होगी. खबर है कि टोयोटा, सुजुकी और हुंडई ने आश्वासन दिया कि वे फ्लेक्स-फ्यूल इंजन निर्माण को बढ़ायेंगे. इसे भी पढ़ें :  लगातार">https://lagatar.in/foreign-exchange-reserves-decreased-for-the-third-consecutive-week-but-gold-reserve-increased-by-291-million/">लगातार

तीसरे सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार घटा, पर 29.1 करोड़ डॉलर बढ़ा गोल्ड रिजर्व

  गडकरी ने रिलायंस टेंडर अस्वीकार करने की कहानी  सुनाई

गडकरी ने यहां रिलायंस टेंडर अस्वीकार करने की कहानी भी सुनाई. कहा कि   मुंबई में यह सम्मेलन मुझे 1995 में राज्य मंत्री के रूप में मेरे समय की याद दिलाता है, जब मैंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस राजमार्ग के लिए रिलायंस द्वारा एक निविदा को अस्वीकार कर दिया था. कहा कि धीरूभाई अंबानी उस समय वहां थे, और वह मुझसे बहुत नाराज थे. उन्होंने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री भी परेशान थे और बालासाहेब ठाकरे भी. उन्होंने मुझसे पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया? मैंने कहा कि हम उस परियोजना और बांद्रा-वर्ली सी लिंक जैसी अन्य परियोजनाओं के लिए जनता से धन जुटाएंगे.  सब मुझ पर हंस रहे थे. इसे भी पढ़ें : कैप्टन">https://lagatar.in/capt-amarinder-singhs-party-plcp-and-bjp-alliance-sealed-whose-loss/">कैप्टन

अमरिंदर सिंह की पार्टी पीएलसीपी और भाजपा गठबंधन पर लगी मुहर, किसका नुकसान!

मैंने उनसे कहा, मैं जनता से पैसे जुटाऊंगा

नितिन गडकरी ने कहा कि मैंने उनसे कहा, मैं जनता से पैसे जुटाऊंगा और एक्सप्रेस-वे, वर्ली-बांद्रा सीलिंक और शहर में 52 अन्य फ्लाईओवर का निर्माण करूंगा और वे सभी मुझ पर हंसे।.हालांकि, मुख्यमंत्री जोशी ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी, जिससे महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) का निर्माण हुआ.

नितिन गडकरी को रतन टाटा ने स्मार्ट करार दिया

गडकरी ने कहा, एमएसआरडीसी 500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पूंजी बाजार में गयी और 1,160 करोड़ रुपये जुटा लिये. दूसरी बार जब वह 650 करोड़ रुपये जुटाना चाहती थी, तो एमएसआरडीसी ने 1,100 करोड़ रुपये जुटाये.  गडकरी के अनुसार रतन टाटा ने मुझसे कहा कि मैं उनसे ज्यादा स्मार्ट हूं क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए बाजार से इतना पैसा जुटाया जा सकता है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही