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गालूडीह : अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए टोटेमिक कुर्मी समाज का आंदोलन

Galudih(Prakash Das) : टोटेमिक कुर्मी समाज की एक बैठक रविवार को गालूडीह मारवाड़ी धर्म शाला भवन में खुदीराम महतो के अध्यक्षता में हुई. बैठक में कुड़मी जाति को पूर्व की भांति आदिवासी जाती की सूची में शामिल करने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ रणनीति पर चर्चा हुई. इसके साथ ही मांग किया गया कि पूर्व के भांति कुड़मी को आदिवासी जाति का दर्जा दिया जाए. इस दौरान इस मांग को लेकर आगामी 25 सितंबर को झारखंड में रेल रोको आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर रांची से आये कुड़मी नेता शीतल ओहोदा शामिल हुए थे. जबकि विशिष्ट अतिथि गुरुदेव महतो, कुरमी संस्कृति विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सपन महतो मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-veer-gurpratap-singhs-book-gun-chandan-ke-bashkhe-released/">जमशेदपुर

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आंदोलन को रोकने के लिए केंद्र सरकार वार्ता के लिए आगे आए : ओहिदा

बैठक को संबंधित करते हुए मुख्य अतिथि शीतल ओहिदा ने कहा कि देश आजादी से पूर्व कुड़मी जाति अन्य जाति की तरह आदिम जनजाति में शामिल था. परंतु 1985 में 13 आदिम जनजाति की सूची से कुड़मी को हटा दिया गया. अगर यह सरकारी गलती है तो इसका सुधार कब किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आदिवासी जाति सूची में कुड़मी को भी शामिल किया जाना चाहिए. इसलिए अपने हक-अधिकार के लिए समाज को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है. शीतल ओहिदा ने कहा कि रेल रोको आंदोलन कार्यक्रम की सूचना सभी विभागों के अधिकारी को दिया गया. अगर केंद्र सरकार आंदोलन को रोकना चाहती है, तो टोटेमिक कुर्मी समाज  से वार्ता करे. [wpse_comments_template]

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