Galudih (Prakash Das) : राज्य के सबसे
बड़े अस्पताल रिम्स से
बड़ाखुर्शी पंचायत के
दारिसाई गांव के एक मरीज को बिना इलाज के ही लौटना
पड़ा. मरीज सुजय दास और उनके परिजन कई हफ्तों तक रिम्स परिसर में परेशान होकर इधर-उधर भटकते
रहे. वे कभी गार्ड तो कभी नर्सों से इलाज के बाबत जानकारी मांगते रहे, लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं
था. जानकारी के अनुसार
दारिसाई गांव निवासी प्रदीप दास के पुत्र सुजय दास का कुछ दिनों पहले
खड़िया कॉलोनी के पास सड़क दुर्घटना हुई थी जिसमें उनके सिर और गाल की हड्डी में काफी चोटें आई
थीं. प्रदीप दास ने बताया कि दुर्घटना के बाद युवक को पहले अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया जहां से बेहतर इलाज के लिए एमजीएम रेफर किया
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एमजीएम में इलाज के दौरान पता चला कि युवक के गाल की हड्डी में फ्रैक्चर
है. फिर एमजीएम से रिम्स रेफर कर दिया
गया. रिम्स में चिकित्सकों ने दुबारा एक्सरे कराने को
कहा. एक्सरे के बाद 5 दिन बाद सिर्फ रिपोर्ट दिया
गया. एक्सरे फिल्म नहीं दिया
गया. बताया गया कि एक्सरे फोटो आपको एक हफ्ते बाद
मिलेगा. जब एक हफ्ते बाद परिजन रिम्स गए तो बताया गया कि एक्सरे फिल्म अभी उपलब्ध नहीं
है. कब उपलब्ध रहेगा यह बताना मुश्किल
है. चिकित्सक ने कहा बिना एक्सरे फिल्म के इलाज संभव नहीं
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परिजन ने बाहर से भी एक्सरे करने की चिकित्सक से बात की लेकिन चिकित्सक द्वारा बताया गया कि बाहर के रिपोर्ट पर अस्पताल में इलाज नहीं
होगा. परिजन इस आशा में रिम्स गए थे कि राज्य के सबसे
बड़े अस्पताल में उनका बेहतर इलाज
होगा. परिजन काफी दिनों तक इधर-उधर घूमते रहे और बगैर इलाज के ही वापस लौट
आए. परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय
है. प्रदीप दास एक ढाबे पर हलवाई का काम करता
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