alt="" width="1280" height="590" /> इसे भी पढ़ें : स्पेशल">https://lagatar.in/upa-mla-returned-to-ranchi-by-special-flight-will-spend-the-night-in-circuit-house-will-participate-in-special-session-tomorrow/">स्पेशल
फ्लाइट से रांची लौटे UPA विधायक, सर्किट हाउस में बिताएंगे रात, कल स्पेशल सत्र में लेंगे भाग इस साल राधा अष्टमी चार सितंबर को मनाई जा रही है. मंदिर में इसे लेकर खास तैयारी की गई है. मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जा रही है. उन्होंने बताया कि लोक मान्यता है कि राधा का जन्म वृषभानु और उनकी पत्नी कीर्ति (कमलवती) से हुआ था, जो गोकुल के पास रावल गांव में रहते थे. देवी राधा का जन्म माता के गर्भ में नहीं हुआ था, जबकि कीर्ति द्वारा देवी योगमाया की पूजा करने के बाद कन्या प्राप्ति हुई थी. राधा अष्टमी व्रत करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है। पति पत्नी में प्रेम बना रहने से परिवार में भी शांति बनी रहती है. मौके पर मंदिर कमेटी के सदस्य श्यामा पद दास, बबलू महतो, पूर्ण कर्मकार, निर्मल सिंह, गौर चंद्र सिंह, अजय दास आदि उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

Leave a Comment