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गालूडीह : कई दिनों से बीमार सबर युवक स्वस्थ होकर लौटा घर

 
Galudih : गालूडीह : अज्ञात बिमारी की चपेट में आकर पिछले काफी दिनों से जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा एक सबर युवक आ​खिरकार स्वास्थ्य स्वस्थ होकर अपने घर लौट आया. गुरुवार को उसकी तबियत में सुधार के बाद अस्पताल से छुट‌टी दे दी गई. जानकारी के अनुसार बड़ाखुर्शी पंचायत के दारिसाई सबर बस्ती निवासी खेसा सबर कई दिनों अज्ञात बीमारी की चपेट में था. युवक का पेट कई बार फूल जाता​ था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-contribution-of-indians-in-the-establishment-of-a-developed-city-like-london-prof-chatterjee/">जमशेदपुर

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अटेंडर के अभाव में युवक इलाज नहीं हो पा रहा था. स्थिति को देखते हुए पुतरु गांव के एक समाजसेवी मंगल कर्मकार ने निजी स्तर से पैसे देकर घुटिया सबर बस्ती के ही एक युवक को अटेंडर के रूप में खेसा सबर के साथ अस्पताल में रखा था. अब खेसा सबर स्वास्थ्य होकर सकुशल वापस घर लौटा आया है. उसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था.

सरकार सबरों को बचाने में हो रही विफल

झारखंड के लुप्तप्राय आदिम जनजाति सबर खतरे में हैं. आंकड़े बताते हैं कि अधिकतम 45 वर्ष की उम्र के ही मरीज अंतिम अवस्था में अस्पताल पहुंचते हैं और इनमें से 50 फीसद मर जाते हैं. चिंता की बात यह कि अस्पताल में भर्ती होने वाले सबर में सबसे अधिक बच्चे, किशोर व युवा ही शामिल हैं। इस सबको देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं न कहीं सरकार सबरों को बचाने में विफल साबित हो रही है.
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