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वायरल पोस्ट में गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का दावा, NIA केस के कारण अमन साहू को सौंपी थी कमान

जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है,  जिसमें कई गंभीर दावे किए गए हैं. हालांकि लगातार न्यूज इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है. सुजीत सिन्हा ने पोस्ट में दावा किया गया है कि एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की कार्रवाई के दबाव में उसने कोयलांचल की कमान गैंगस्टर अमन साहू (मृत) को सौंपी थी. सुजीत ने लिखा है कि तेतरियाखांड कांड के बाद जब एनआईए उनके पीछे लग गई, तब उन्हें 'पीछे हटना' पड़ा और अमन साहू को संचालन की जिम्मेदारी दी गयी.
 

Ranchi :   जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है,  जिसमें कई गंभीर दावे किए गए हैं. हालांकि लगातार न्यूज इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है.

 

सुजीत सिन्हा ने पोस्ट में दावा किया है कि एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की कार्रवाई के दबाव में उसने कोयलांचल की कमान गैंगस्टर अमन साहू (मृत) को सौंपी थी. कहा कि तेतरियाखांड कांड के बाद जब एनआईए उनके पीछे लग गई, तब उन्हें 'पीछे हटना' पड़ा और अमन साहू को संचालन की जिम्मेदारी दी गयी. 

 

पोस्ट के अनुसार, सुजीत सिन्हा के कहने पर अमन साहू ने प्रचार फैलाया कि सुजीत सिन्हा और अमन साहू अलग हो गये हैं. हालांकि हमलोग काम करते रहे, क्योंकि सुजीत सिन्हा के 'पिलर' पर अमन साहू का गिरोह खड़ा था. चूंकि 'छोटका' (अमन साहू) अब उनके बीच नहीं है, इसलिए उन्हें फिर से 'खुले में' आना पड़ रहा है. 

 

सुजीत सिन्हा ने कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और डीओ होल्डरों से अपील की है कि वे अगले तीन महीने तक सभी मासिक भुगतान रोक दें. सितंबर 2025 में आगे क्या करना है, इसकी जानकारी सभी को दी जाएगी.

 

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जिसे मैं कुर्सी पर बैठा दूं, वही मयंक सिंह होता है  : सुजीत सिन्हा 

 

पोस्ट में एक और सनसनीखेज दावा करते हुए सुजीत सिन्हा ने कहा कि मेरे द्वारा बनाई गई कुर्सी पर जिसे बैठा दिया जाए, वही मयंक सिंह होता है. अजरबैजान में मयंक सिंह उर्फ सुनील मीना के पकड़े जाने के बाद जिस व्यक्ति को मयंक सिंह बनाया गया था (जो अभी तक लोगों से संपर्क कर रहा था), उसे अब कुर्सी से हटा दिया गया है.

 

सुजीत सिन्हा ने बताया कि वह व्यक्ति कोयलांचल से हटकर सिविलियन और जमीन कारोबारियों से जबरन वसूली कर रहा था, जो संगठन की नीति के खिलाफ है. 

 

पोस्ट में लोगों को आगाह किया गया है कि चूंकि वही व्यक्ति अभी तक उनसे संपर्क कर रहा था. उसके पास सभी का पेमेंट लिस्ट या नंबर हो सकता है, इसलिए वह उन्हें भुगतान के लिए कॉल कर सकता है.

 

सुजीत सिन्हा ने चेतावनी दी है कि अगर आप भुगतान करेंगे तो इसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे. तीन महीने बाद वह यह नहीं सुनेंगे कि भुगतान 'मयंक' को दे दिया गया था. 

 

एक महत्वपूर्ण बात यह भी बताई गई है कि अमन साहू की फेसबुक आईडी से अब कोई भी पोस्ट मान्य नहीं होगा, क्योंकि सुजीत सिन्हा अब 'मुख्य धारा से जुड़ गये हैं.  इन तीन महीनों के भीतर साहू गिरोह के किसी योग्य सदस्य को फिर से नेतृत्व का काम सौंपा जाएगा.

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