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गैंगस्टर विकास तिवारी जेल ट्रांसफर मामला: HC के आदेश के खिलाफ SC में दाखिल होगी याचिका, CID ने गृह विभाग से जल्द निर्णय लेने का किया अनुरोध

Saurav Singh Ranchi: हजारीबाग जेल में बंद गैंगस्टर विकास तिवारी जेल ट्रांसफर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल होना है. इसे लेकर सीआईडी डीजी की ओर से गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर याचिका दाखिल करने के कुल सात बिंदुओं पर जानकारी दे गई है. साथ ही अनुरोध किया गया है कि इसपर जल्द निर्णय लें. गौरतलब है कि विकास तिवारी ने झारखंड सरकार व अन्य को वादी बनाते हुए हाईकोर्ट में जेल आईजी के जेल स्थानांतरण के आदेश को चुनौती दी थी. जेल आईजी ने विकास तिवारी का स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टिकोण से दुमका जेल करने का आदेश 17 मई 2026 को जारी किया था. लेकिन जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर के द्वारा जारी कस्टडी सर्टिफिकेट के आधार पर जेल ट्रांसफर के आदेश को रद्द कर दिया गया था. इस संबंध में कोर्ट ने 21 अगस्त 2023 को आदेश जारी किया था. अब सीआईडी ने पूरे मामले की समीक्षा की है, जिसके बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सारी जानकारी दी गई है. इसे भी पढ़ें -CRPF">https://lagatar.in/action-of-registering-fir-against-crpf-is-wrong-governor/">CRPF

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सीआईडी ने इन सात बिंदुओं पर गृह विभाग को दी है जानकारी

- सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर नहीं की जाती है, तो भविष्य में शातिर अपराधियों के जेल ट्रांसफर में व्यवधान करेगा. ऐसी संभावना है कि इस आदेश का उपयोग भविष्य में जेल में बंद अपराधी अपने हित में कर सकता है. जिस वजह से जेल के प्रशासनिक प्रबंध को दुरुस्त रखने और झारखंड राज्य में घटने वाली गंभीर और संवेदनशील घटनाओं के नियंत्रण में परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं. - विकास तिवारी द्वारा हजारीबाग जेल में रहकर हजारीबाग कोर्ट परिसर में अपने विरोधी गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव की हत्या कराया था. जिसमें उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. - आपसी गैंगवार के कारण निकट भविष्य में अपराधी विकास तिवारी को हजारीबाग जेल में विरोधी गुट से जान का खतरा है. इसलिए हजारीबाग जेल से इसका ट्रांसफर अति आवश्यक है. - हजारीबाग जेल में रहकर इसके द्वारा रंगदारी मांगी जाती रही है जिस संबंध में कई एफआईआर दर्ज हुई हैं. - जांच के क्रम में पाया गया है कि विकास तिवारी के द्वारा आईजी जेल के गोपनीय पत्र का संदर्भ प्राप्त कर उसे हाईकोर्ट में प्रयोग किया गया है, साथ-साथ इसके द्वारा भय या लालच के बल पर हजारीबाग जेल अधीक्षक से प्रमाण पत्र प्राप्त कर हाईकोर्ट में अपने हित में लाभ लिया गया. - विकास तिवारी और उनके सहयोगियों और उनके विरोधी गुट के गैंगस्टर के बीच गैंगवार की संभावना और जेल में किसी अप्रिय घटना होने की संभावना को देखते हुए इसके ट्रांसफर के लिए हजारीबाग जेल से समय-समय पर गृह विभाग को पत्र भेजा गया है. - धनबाद जेल में गैंगवार के चलते विरोधी गुट के द्वारा गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या कर दी गई. उस मामले में हाईकोर्ट द्वारा स्वतंत्रता संज्ञान लेते हुए विभिन्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किया गया है. इसे भी पढ़ें -CM">https://lagatar.in/cm-sent-reply-to-eds-letter-cmo-personnel-reached-ed-office-with-the-letter/">CM

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