Gawan(Giridih) : तपती धरती व सूर्य की तीखी किरणों से नदी व तालाब समेत अन्य जल स्त्रोत सूखने लगें हैं. गावां प्रखंड की जीवन रेखा समझी जाने वाली सकरी नदी सूख गई है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बह रही नदियां भी सूखने की कगार पर पहुंच गई है. नदियों में पानी की जगह रेत दिखाई पड़ने लगा है. पानी के स्त्रोत के लिए बनाएं गए तालाब, आहर भी सूखने के कागार पर पहुंच गए हैं. जो भविष्य में आने वाले परेशानियों से अगाह कर रहा है. नदी व तालाब सूखने से सबसे ज्यादा परेशानी सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग व जानवर हो रहें है. जानवर पानी के तलाश में इधर-उधर भटक रहें हैं. जंगल में रहने वाले जानवर पानी की तलाश में गांव की ओर रूख करने लगे हैं. जिसके कारण जानवरों के जीवन पर भी खतरा मंडराने लगा है. जलस्तर नीचे जाने से दर्जनों हैंडपंप पानी उगलने में हांफ रहे हैं. हालांकि विभागीय स्तर पर खराब पड़े हैंडपंप को बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है . यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=634602&action=edit">यह
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गांवा: नदी-नाला गए हैं सूख,जंगली जानवर कर रहें हैं गांवों का रूख

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