Garhwa: जिले के रंका अनुमंडल मुख्यालय में माघ माह में आकाश से टपकती बूंद को देखकर किसानों का धैर्य टूटता जा रहा है. किसान लालमोहन दुबे का कहना है कि रवि फसलों में मुख्य फसल चना और अरहर की खेती बड़ी मेहनत से किसानों ने की थी. एक ओर जहां पानी और सिंचाई का साधन नहीं होने के बावजूद भी यहां के किसान अपनी मेहनत से खेती करते हैं .वही बेमौसम बरसात ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है. किसान रामेश्वर पाण्डेय, रामप्रसाद यादव, बबन मिश्र, विजय कुमार सिंह कहते हैं कि इस प्रकार बेमौसम बरसात से रवि फसल के पौधे में आया हुआ फूल मुरझा जायेंगे. अरहर और चना में कीड़े मकोड़े लगने की संभावना है, ऐसी स्थिति में 3 महीने की मेहनत पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है. इसे भी पढ़ें-बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-pds-dealer-attempted-to-rape-a-girl-who-had-gone-to-get-ration-arrested/">बोकारो
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किसानों के सामने विकट स्थिति
किसानों का कहना है कि इस प्रकार बेमौसम आकाश में बादल छाए रहने, धुंध और बूंदाबांदी के कारण चना और अरहर के फूल झड़ जा रहे हैं. इससे किसानों के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है. किसानों का कहना है कि एक ओर सरकार ने किसानों के लिए कोई सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं की है वहीं दूसरी ओर प्रकृति की इस मार से किसान अधमरा हो चुके हैं. इसे भी पढ़ें-नीतीश">https://lagatar.in/nitish-government-wins-trust-vote-opposition-walks-out-of-house/">नीतीशकुमार ने विश्वास मत हासिल किया, विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया [wpse_comments_template]
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