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गढ़वा: रंका में संत रविदास की मनायी गयी जयंती

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Arun Kumar Garhwa: गढ़वा के रंका अनुमंडल मुख्यालय के टाडीपर में अम्बेडकर युवा क्लब ने संत शिरोमणि रविदास की 645वीं जयंती मनायी. इस अवसर पर झामुमो जिला अध्यक्ष तनवीर आलम, झामुमो प्रखण्ड अध्यक्ष आशीष कुमार गुप्ता, पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजेश कुमार मधेशिया, जिला पार्षद उमा देवी, बीस सूत्री अध्यक्ष अहमद अंसारी और उपाध्यक्ष कार्तिक पाण्डेय ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. तनवीर आलम ने कहा कि संत शिरोमणि केवल संत ही नहीं थे. वह संतो के संत थे. जात-पात और छुआछूत से ऊपर उठकर समाज को समतामूलक बनाने में उनकी अहम भूमिका थी. उनकी सोच थी कि समाज के लोग जब तक एकजुट नहीं होंगे छुआछूत की भावना खत्म नहीं होगी. तब तक समाज हमारा सशक्त नहीं बन पाएगा. उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे संत रविदास. इसे भी पढ़ें- IOC">https://lagatar.in/ioc-session-2023-in-india-india-to-host-olympic-committee-session-pm-modi-expressed-happiness/">IOC

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झामुमो प्रखंड अध्यक्ष आशीष कुमार गुप्ता ने कहा कि गुरु रविदास एक प्रसिद्ध संत थे. भक्ति आंदोलन के साथ-साथ आध्यात्मिकता और जातिवाद के खिलाफ लोगों को जागरूक करते थे. जिला परिषद सदस्य उमा देवी ने कहा कि संत रविदास जी की वास्तविक जयंती तभी साकार होगी जब अपने समाज से बड़े-छोटे और ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म होगा. रंका अंचल पदाधिकारी शंभू राम ने कहा कि रविदास एक भारतीय रहस्यवादी, कवि, समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरु थे. गुरु रविदास ने भक्ति आंदोलन के दौरान भक्ति गीतों, छंदों, आध्यात्मिक शिक्षाओं के रूप में उल्लेखनीय योगदान दिया. इसे भी पढ़ें-  UP">https://lagatar.in/up-election-pm-modi-attacked-on-samajwadi-party-by-mentioning-ahmedabad-blast-case-said-they-had-given-return-gift-to-terrorists/">UP

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