alt="" width="390" height="219" /> तस्वीर- घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़[/caption] घटना की खबर आसपास के क्षेत्र में आग की तरफ फैल गई. देखते ही देखते डैम के पास बड़ी संख्या में लोगों की हुजूम लग गया. वहीं घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी गई. सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रमोद कुमार केसरी व थाना प्रभारी नीतीश कुमार सिंह दल-बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. इसे पढ़ें-स्थानीय">https://lagatar.in/government-should-improve-local-and-planning-policy-obc-reservation-and-mob-lynching-bill-coordination-committee/">स्थानीय
व नियोजन नीति, ओबीसी आरक्षण व मॉब लिंचिंग बिल सुधारे सरकार : समन्वय समिति तीनों मृतकों को स्थानीय लोगों की मदद से डैम से बाहर निकाला गया. वहीं पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गढ़वा भेज दिया. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे डैम के आसपास बकरी चरा रहे थे. इसी दरमियान तीनों एक साथ डैम में स्नान करने के लिए उतरे. स्नान करने के दौरान तीनों बच्चे गहराई के बीच में चले गए. गहराई अधिक होने के कारण तीनों डूबने लगे. इसी बीच एक महिला ने तीनों बच्चों को डूबते हुए देख जोर-जोर से शोर करने लगी. महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने तीनों बच्चों को डैम से बाहर निकाला. लेकिन इससे पहले तीनों की डूबने के बाद मौत हो चुकी थी. इस दर्दनाक घटना के बाद जंगीपुर और नयाखाड़ गांव में शोक की लहर है. मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है! परिजनों के चीख-पुकार से पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया. इधर, बताते चले की इससे पूर्व भी इस डैम में कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-hindu-mahasabha-staged-protest-in-front-of-raj-bhavan-against-police-brutality-in-jamshedpur/">झारखंड
हिंदू महासभा ने राजभवन के समक्ष दिया धरना, जमशेदपुर में हुए पुलिसिया जुल्म का किया विरोध वहीं गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक सह सूबे के पेयजल स्वक्षता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने घटना पर दुख जताया है, और परिजनों को मदत्त करने का आश्वासन दिया है. [wpse_comments_template]
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