Vinit Abha Upadhyay Ranchi : नल जल योजना में करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) झारखंड सरकार के एक मंत्री, राज्य के वरीय IAS अधिकारी मनीष रंजन समेत पेयजल विभाग के अन्य अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. इस छापेमारी के बाद गढ़वा जिले के चिनियां प्रखंड स्थित बरवाडीह पंचायत के पूर्व मुखिया नितेश सिंह और पलामू प्रमंडल से ताल्लुक रखने वाले एक मंत्री की नजदीकियों की चर्चा फिर से शुरू हो गयी है. लोग बताते हैं कि मंत्री जी का संरक्षण पाते ही नितेश सिंह बालू के अवैध कारोबार में घुस गया और करोड़ों की कमाई की. जिस नितेश सिंह के पिता रामपाल सिंह के नाम पर वर्ष 2021 तक राशन कार्ड के जरिये अनाज लिया जाता था, उस नितेश ने मंत्री जी का संरक्षण पाते ही सिर्फ दो वर्षों में ही अपने और अपनी पत्नी के नाम पर अलग-अलग डीड के माध्यम से करीब पांच एकड़ जमीन खरीद ली. इतना ही नहीं पिछले दो-तीन वर्षो में नितेश सिंह कई जेसीबी और ट्रैक्टर का मालिक बन बैठा है और पेट्रोल पंप भी खरीद लिया है. नितेश सिंह के खिलाफ गढ़वा के अलग-अलग थानों में कई प्राथमिकियां दर्ज हैं.
नितेश सिंह द्वारा खरीदी गयी संपत्ति का विवरण
- 1 नवंबर 2022 : डीड संख्या 3542 के जरिये 2 एकड़ 44 डिसमिल भूमि
- 4 नवंबर 2022 : डीड संख्या 3515 के जरिये 75 डिसमिल भूमि
- 22 नवंबर 2022 : डीड संख्या 3654 के जरिये 55 डिसमिल भूमि
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