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सीसीएल में रविवार को 15 माउंट एवरेस्ट विजेताओं का जुटान, साझा करेंगे अपने अनुभव

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एवरेस्ट समिट की 70वीं वर्षगांठ Ranchi : एवरेस्ट समिट की 70वीं वर्षगांठ पर देश में पहली बार एक साथ 15 माउंट एवरेस्ट विजेताओं का जुटान रविवार को सीसीएल मुख्यालय के कन्वेंशन सेंटर में होगा. इस कार्यक्रम में सभी पर्वतारोही अपने अनुभवों को साझा करेंगे. शनिवार को सीसीएल कन्वेंशन सेंटर में प्रेसवार्ता कर यह जानकारी साझा की गई. सीसीएल के निदेशक कार्मिक हर्षनाथ मिश्रा ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि पहली बार 15 पर्वतारोही एकत्र हो रहे हैं. सीसीएल ने लगातार खेलों को प्रमोट किया है और इस बार सभी पर्वतारोही अपनी चढ़ाई के दौरान साहस, अनुभव और विजय की कहानियां साझा करेंगे. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को दिखाना है कि असंभव लगने वाले शिखर भी साहस से जीते जा सकते हैं.

ये पर्वतारोही शामिल होंगे

इस समिट में दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर सबसे पहले चढ़ने वाले दार्जिलिंग के तेनजिंग नोर्गे के पुत्र और दो बार एवरेस्ट फतह कर चुके जैमलिंग तेनजिंग नोर्गे मुख्य वक्ता होंगे. झारखंड की प्रेमलता अग्रवाल, विनिता सोरेन और हेमंत गुप्त, पश्चिम बंगाल से सत्यरूप सिद्धांत, उत्तर प्रदेश से अरुणिमा सिन्हा, जम्मू और कश्मीर से कर्नल रणवीर जमवाल, मध्य प्रदेश से मेघा परमार, कर्नाटक से प्रियंका मोहिते, महाराष्ट्र से मनीषा वाघमारे, कुंतल जोइशर और गुजरात से अदिति वैद्य व अनुजा वैद्य शामिल होंगे.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी होगा आयोजन

समिट के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. इस अवसर पर कलाकार प्रशांत त्रिवेदी, सुमित कुटानी उर्फ बाबा कुटानी, सुमेधा सेन गुप्ता और विजय विक्रम सिंह जैसे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. कार्यक्रम का आयोजन आईडिएट इंस्पायर इग्नाइट फाउंडेशन, सीसीएल , साइबरपीस फाउंडेशन, हीरो मोटोकॉर्प, अम्बे, सीएमपीडीआई, मॉडर्न पिथियन गेम्स और रेकी के सहयोग से किया जा रहा है. प्रेसवार्ता में राजीव गुप्ता, आलोक कुमार, अमित मोदी, प्रीति गुप्ता और पर्वतारोही मौजूद थे.

15 माउंट एवरेस्ट विजेता जो अपने अनुभव साझा करेंगे

1. प्रियंका मोहिते : महाराष्ट्र की प्रियंका मोहिते ने 21 साल की उम्र में एवरेस्ट फतह किया. वह सबसे कम उम्र की तीसरी व पहली महराष्ट्रियन बनी. प्रियंका को 2020 में तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर अवार्ड मिला. 2021 में प्रियंका ने माउंट अन्नपूर्णा व 2022 में माउंट कंचनजंगा की चढ़ाई की. 2. कुंतल जोइशर : मुंबई के कुंतल जोइशर ने 2016 में एवरेस्ट और 2018 में माउंट ल्होत्से की चढ़ाई पूरी की. शाकाहारी जीवनशैली वाले कुंतल यूएससी विटर्बी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग कैलिफोर्निया के पूर्व छात्र हैं. 3. अनुजा आनंद वैद्य : अनुजा आनंद वैद्य ने अपनी बहन अदिति वैद्य के साथ एवरेस्ट के अलावा 2019 में अर्जेंटीना के एकॉनकागुआ, हिमाचल प्रदेश की दुर्जेय मणिरंग, इंडोनेशिया की कास्टेंट पीरामिड, 2020 में अंटार्कटिका के माउंट विसन मासिफ को फतह कर चुकी हैं. 4. अदिती वैद्य : अदिती वैद्य अपनी बहन अनुजा वैद्य के साथ एवरेस्ट पर चढ़ चुकी हैं. इसके अलावा अर्जेंटीना के एकॉनकागुआ व कई अन्य पर्वत चोटियों को फतह कर चुकी हैं. अदिती ने लंदन के क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार की पढ़ाई की है. 5. रुद्र प्रसाद हलदर : 39 की उम्र में पश्चिम बंगाल के रुद्र प्रसाद हलदर ने एवरेस्ट की चढ़ाई की. इसमें उन्हें करीब 45 दिनों का समय लगा. रूद्र पेशे से एक मीडिया ऑपरेटर हैं. उन्होंने पर्वतारोहण की तैयारी उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से की. 6. मेघा परमार : एवरेस्ट विजेता मध्य प्रदेश की मेघा परमार 45 मीटर अंदर तक स्कूबा डाइव करने वाली पहली महिला हैं. 2019 में माउंट एल्ब्रस की चढ़ाई पूरी की. मेघा मध्य प्रदेश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड आंबेसडर भी हैं. 7. मनीषा वाघमारे : मनीषा वाघमारे ने अपने छह सहयोगियों के साथ एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की. वॉलीबॉल की बेहतरीन खिलाड़ी मनीषा को खेल के क्षेत्र में छत्रपति पुरस्कार मिल चुका है. एवरेस्ट चढ़ने के लिए मनीषा ने औरंगाबाद के भारतीय कैडेट फोर्स कैंप में प्रशिक्षण लिया था. 8. भगवान चावले : पेशे से एलआइसी में विकास अधिकारी भगवान चावले ने मई 2018 में एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की. इससे पूर्व वे हिमालय की अन्य चोटियों स्टोक कांगड़ी, घोलप कांगड़ी, भागीरथी, द्वीप शिखर पर चढ़ चुके थे. इसके अलावा वानरलिंगी, बजीर, लिंगनाटेलबैला घोटी की भी चढ़ाई की है. 9. कर्नल रणवीर जामवाल : भारतीय सेना के अधिकारी जम्मू-कश्मीर के कर्नल रणवीर जामवाल तीन बार एवरेस्ट फतह कर चुके हैं. 2013 में उन्हें तेनजिंग नोर्गे अवार्ड मिला. वे दुनिया के सात प्रमुख चोटियों पर चढ़ाई कर चुके हैं. उनकी इस असाधारण उपलब्धियों के लिए सेना का सेवा पदक भी मिला. वे देश के शीर्ष पर्वतारोही के रूप में नामित हैं. 10. जैमलिंग तेनजिंग नोर्गे : जैमलिंग दुनिया में पहली बार 1953 में एवरेस्ट फतह करने वाले दार्जिलिंग के तेनजिंग नोर्गे के पुत्र हैं. जैमलिंग 1996 और 2002 में दो बार एवरेस्ट फतह कर चुके हैं, जैमलिंग ने एवरेस्ट फतह पर टचिंग माइ फादर्स सोल नामक किताब भी लिखी है. 11. अरुणिमा सिन्हा : उत्तर प्रदेश की अरुणिमा सिन्हा दुनिया की सात सबसे बड़े शिखर पर विजय प्राप्त करने वाली दिव्यांग महिला हैं. उन्होंने एवरेस्ट के अलावा माउंट किलिमंजारो, माउंट एल्बस, माउंट कौसियुस्को, माउंट एकॉनकागुआ, माउंट डेनाली, माउंट विसन की चढ़ाई की है. अरुणिमा को भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान दिया है. 12. सत्यरूप सिद्धांत : सत्यरूप सिद्धांत का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस में सबसे कम उम्र के पर्वतारोही के रूप में दर्ज है. सत्यरूप ने दुनिया की सभी सात चोटियों के अलावा ज्वालामुखी की सात चोटियों को भी जीत कर एक असाधारण उपलब्धि पायी है. ऐसा करने वाले वे भारत के प्रथम व्यक्ति हैं. 13. हेमंत गुप्ता : मैन ऑफ स्टील के नाम से विख्यात हेमंत गुप्ता ने 2017 में एवरेस्ट की सफल चढ़ाई की. वे माउंट एकॉनकागुआ, माउंट भागीरथी, लोबुचे ईस्ट, आइलैंड पीक और माउंट कनामों पर भी चढ़ चुके हैं. आइआइटी बॉम्बे से पढ़े हेमंत ने टाटा स्टील से अपने करियर की शुरुआत की थी. 14. विनीता सोरेन : झारखंड के सरायकेला की विनीता सोरेन माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली आदिवासी महिला हैं. विनीता ने दो सहकर्मियों के साथ इको एवरेस्ट स्प्रिंग अभियान के तहत 2012 में एवरेस्ट की चढ़ाई की थी. थार रेगिस्तान अभियान के तहत विनीता ने गुजरात के भुज से पंजाब के वाघा बॉर्डर तक करीब दो हजार किलोमीटर की यात्रा भी पूरी की है. 15. प्रेमलता अग्रवाल : पश्चिम बंगाल की प्रेमलता अग्रवाल दुनिया की सभी सात चोटियों पर सफलता पूर्वक चढ़ाई करने वाली पहली भारतीय महिला हैं. उन्होंने एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल से चढ़ाई के लिए प्रशिक्षण लिया. प्रेमलता को 2013 में पद्मश्री व 2017 में तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार मिल चुका है. इसे भी पढ़ें – राहुल">https://lagatar.in/rahul-in-the-avatar-of-a-bike-rider-went-out-to-visit-pangong-lake-said-that-father-used-to-say-that-this-is-the-most-beautiful-place-in-the-world/">राहुल

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