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गावां : भागवत कथा में श्रीकृष्ण-सुदामा का प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता

 
Ganwa (Giridih) : गावां प्रखंड के नीमाडीह पंचायत स्थित बिष्णुटीकर गांव में चल रहे सात दिवसीय मां दुर्गा, शिव पार्वती एवं हनुमान प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के समापन पर सोमवार 22 मई की रात भगवान श्री कृष्ण-सुदामा का प्रसंग सुनाया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए पुष्प वर्षा भी की. [caption id="attachment_645744" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/BHAKT-300x169.jpg"

alt="" width="300" height="169" /> कथा सुनने जुटी की भीड़[/caption] कथावाचिका प्रियंका चौधरी ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन करते हुए कहा कि बचपन के मित्र को गले लगाकर भगवान श्रीकृष्ण उन्हें राजमहल के अंदर ले गए और अपने सिंहासन पर बैठाकर स्वयं अपने हाथों से उनके पांव पखारे. सुदामा से भगवान ने मित्रता का धर्म निभाया और दुनिया के सामने यह संदेश दिया कि जिसके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता. राजा हो या रंक मित्रता में सभी समान हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं होता. मित्रता में भगवान का समर्पम सुनकर लोग भाव विभोर हो गए. कथावाचिका प्रियंका चौधरी ने कहा कि श्रीमद् भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं. इसके श्रवण मात्र से ही व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं. विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है. इस दौरान झांकियां भी सजाई गई. श्रद्धालु भी भजनों पर जमकर झुमते और जयकारे लगाते रहे. यह">https://lagatar.in/gaon-organizational-issues-discussed-in-bjp-meeting/">यह

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