Gaya Ji : 300 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष कुमार को 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम द्वारा बच्चे को बाहर निकालते ही पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने राहत की सांस ली है.
VIDEO | Gaya, Bihar: SDRF successfully rescues three-year-old child who fell into a borewell. The incident took place in Rangunagar under the Gurpa police station limits.#GayaNews #BiharNews
— Press Trust of India (@PTI_News) July 17, 2026
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खेलने के दौरान हुआ हादसा
गौरतलब है कि गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के रंगून नगर में गुरुवार शाम करीब 6:28 बजे पीयूष घर के बाहर खेल रहा था. इसी दौरान वह नल-जल योजना के लिए खोदे गए खुले बोरवेल के पास पहुंच गया और उसमें गिर गया. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी.
इसके बाद पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने 300 फीट गहरे और संकरे बोरवेल से बच्चे को निकालने के लिए कई घंटे तक अभियान चलाया और आखिरकार करीब सात घंटे बाद पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बच्चे के सुरक्षित बाहर आने पर वहां मौजूद लोगों ने खुशी जताई.
बच्चे की हालत सामान्य
बच्चों को रेस्क्यू के बाद फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका मेडिकल टेस्ट किया. शुरुआती जांच में उसकी हालत सामान्य बताई गई. एहतियात के तौर पर डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है.
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पर उठे सवाल
रेस्क्यू के दौरान स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल उठे. कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर भेजे गए पांच ऑक्सीजन सिलेंडरों में से चार खाली थे. इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई. हालांकि प्रशासन ने स्थिति को संभाल लिया. आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कही है.
खुले बोरवेलों पर उठ रहे सवाल
पीयूष के सुरक्षित बचने से पूरे जिले में राहत का माहौल है. लोगों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. वहीं इस घटना ने एक बार फिर खुले बोरवेलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले पड़े सभी बोरवेलों को जल्द बंद कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके.
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
पूरे रेस्क्यू अभियान के दौरान जिला प्रशासन लगातार मौके पर मौजूद रहा. वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडेय, अंचलाधिकारी अमित सिंह, बीडीओ शशि भूषण साहू सहित कई अधिकारी अभियान की निगरानी करते रहे और राहत टीमों के साथ समन्वय बनाए रखा.
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