Search

 
 
 

झारखंड राज्य जलसहिया संघ की अध्यक्ष बनी गायत्री

 
Ranchi: विभिन्न मांग को लेकर शुक्रवार को राज्यभर के जलसहिया मोरहाबादी मैदान में जुटे, जहां बकाया भुगतान को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. महिलाओं ने कहा कि आज भी 60 प्रतिशत जलसहियाओं को 29 माह का बकाया वेतन नहीं मिला है. यह सम्मेलन झारखंड राज्य जल सहिया कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित की गई. इस दौरान गिरीडीह की जलसहिया गायत्री देवी को महामंत्री पद से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह जल सहिया निस्वार्थ भाव से लोगों का सेवा करती है. वैसे ही जलसहिया दीदीयों के लिए मानदेय़ भुगतान, पेंशन बीमा, बकाया राशि और प्रत्येक महिना 18 हजार वेतनमान को सरकार तक पहुंचाने का काम किया जाएगा.

कैबिनेट से पारित एक हजार रुपया अब तक नहीं मिला

प्रदेश महामंत्री रेशमा प्रवीण ने कहा कि राज्यभर मे 29,600 जलसहिया है. इन सभी को एक हजार रुपया प्रति महीना मिल रहा है. वर्तमान सरकार महिलाओं को घर बैठे 2500 सौ रुपया मंईयां सम्मान के रूप में बैंक के खाते में डाला जा रहा है. लेकिन जल सहिया लोगों के घर जाती हैं. लोगों को स्वच्छता के बारे में जानकारी, खराब चपानल मरम्मत करवाने का काम करती आ रही है. महिलाओं के बीच चुपी तोड़ो कार्यक्रम आयोजित करते हैं. समाज में फैली अंधविश्वास को हटाने पर जोर देते हैं. इसके एवज में एक हजार मानदेय हर महीना दी जा रही है. अगस्त 2024 में केबिनेट से एक हजार रुपया मानदेय राशि देने का प्रस्ताव लाया गया था. आज तक जलसहियाओं के खाते में नहीं आया है.

कार्यकाल समाप्त होने पर बनी नयी कमेटी

एकदिवसीय राज्य सम्मेलन आयोजित की गई. जिसमें राज्य कमेटी का कार्यकाल समाप्त होने पर पुन; नयी कमेटी का गठन किया गया जिसमें गिरिडीह से गायत्री देवी को प्रदेश अध्यक्ष, एतवारी महतो को प्रदेश मुख्य संरक्षक, गुमला से प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कुंती देवी, सिमडेगा से रेशमा प्रवीण को प्रदेश महामंत्री और प्रदेश कोषाध्यक्ष धनबाद से ललिता देवी, मुनी कोईरी, प्रेमलता देवी व विमला देवी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया. इसे भी पढ़ें – चिराग">https://lagatar.in/chirag-claims-indian-alliance-will-be-destroyed-before-bihar-elections/">चिराग

पासवान का दावा, बिहार चुनाव से पहले इंडी गठबंधन हो जायेगा स्वाहा
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही