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जीईएल चर्च ने मनाया 106वां ऑटोनोमी दिवस, बच्चों के लिए खेल प्रतियोगिता का आयोजन

कार्यक्रम की उद्घाटन कैंडल जलाकर औऱ वृक्षारोपन कर किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राइट रेव्ह मॉडरेटर मार्शल केरकेट्टा ने कहा कि 10 जुलाई 1919 को जब जर्मन मिशनरी भारत को छोड़कर चले गए, तब चर्च चलाने की समस्या उत्पन्न हुई. उस दौरान चर्च का अगुवाई करने वालों ने चर्च चलाने का निश्चय किया. इस प्रकार चर्च चलाने के लिए स्वशासन घोषित किया. आज 106 वर्ष पूरा हो गया.
 
  • 5 से 6 वर्ष के बच्चों के बीच टोफी रेस कराई गई.
  • 8 से 10 वर्ष के बच्चों ने रेस लगाई.
  • 14 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए 100 मीटर दौड़.
  • 5 से 7 वर्ष के नन्हें बच्चों के बीच बैलून रेस का आकर्षण.

Ranchi : गोस्नर मिडिल स्कूल ग्राउंड में बुधवार को जीईएल चर्च का 106वां ऑटोनोमी दिवस मनाई गई. इस अवसर पर विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया. बच्चों के बीच खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसमें अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों ने भाग लिया. 

 

कार्यक्रम की उद्घाटन कैंडल जलाकर औऱ वृक्षारोपन कर किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राइट रेव्ह मॉडरेटर मार्शल केरकेट्टा ने कहा कि 10 जुलाई 1919 को जब जर्मन मिशनरी भारत को छोड़कर चले गए, तब चर्च चलाने की समस्या उत्पन्न हुई. उस दौरान चर्च का अगुवाई करने वालों ने चर्च चलाने का निश्चय किया. इस प्रकार चर्च चलाने के लिए स्वशासन घोषित किया. आज 106 वर्ष पूरा हो गया. 

 

कार्यक्रम में स्वागत गीत बेथेसदा बालिका पीटीई कॉलेज के छात्रों ने किया. रेव्ह जॉर्ज केरकेट्टा ने कार्यक्रम की शुरूआत किया. एलिक्स एक्का ने बाईबल रिडिंग किया. स्वागत भाषण रेव्ह बिशप एसएस तिर्की ने किया. 

 

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100 मीटर की दौड़ और चम्मच रेस खेल प्रतियोगिता ने लोगों को रोमांचित किया. कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिता में विजेता बने बच्चों को पुरस्कृत किया गया.  इस अवसर पर चर्च के पदाधिकारियों, शिक्षक, अभिभावकों और सैकड़ों बच्चे उपस्थित थे.

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