Search

 
 
 

जनरल एमएम नरवणे फिर सुर्खियों में,कहा, चीन मामले में सरकार ने सेना को अकेला नहीं छोड़ा था

पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे फिर सुर्खियों में है. उन्होंने स्पष्ट रूप से पूर्व में उपजे विवादों पर विराम लगाते हुए कहा कि 2020 में चीन के साथ हुए गतिरोध में सरकार(मोदी) ने सेना को अकेला नहीं छोड़ा था.
 

New Delhi : पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे फिर सुर्खियों में है. उन्होंने स्पष्ट रूप से पूर्व में उपजे विवादों पर विराम लगाते हुए कहा कि 2020 में चीन के साथ हुए गतिरोध में सरकार(मोदी) ने सेना को अकेला नहीं छोड़ा था.


सरकार पूरी तरह से सपोर्ट में थी. हमें पूरा अधिकार दिया गया था कि हालात बिगड़ने पर चीनी सैनिकों पर गोलियां चला सकें. 

 

जनरल नरवणे ने  गुरुवार को दिये इंटरव्यू में अपनी किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी से जुड़े विवादों पर चर्चा की. इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए कहा, जो उचित समझो... वह करो टिप्पणी... सशस्त्र बलों पर सरकार के पूरे भरोसे को दर्शाती है.

 

जनरल नरवणे ने कहा. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि  जमीनी स्थिति (चीन के खिलाफ) का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को खुली छूट दी गया थी.   

 

याद करें कि राहुल गांधी ने 2-3 फरवरी को लोकसभा में जनरल नरवणे की किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी का हवाले से चीन घुसपैठ और अग्निवीर योजना के रीव्यू का मसला उठाया था. वे किताब लेकर भी संसद पहुंचे थे. दावा किया था कि सरकार ने सेना को अकेला छोड़ दिया था.  
 


फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी को रक्षा मंत्रालय से क्लियरेंस न मिलने को लेकर कहा, मुझे नहीं लगता कि मेरी किताब में कुछ बहुत संवेदनशील है, लेकिन अगर सरकार को लग रहा है कि कुछ बातें सही नहीं लगरही हैं, तो ठीक है.

 

 इस क्रम में भारत-चीन सीमा विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि रेचिन ला में सेनाएं आमने-सामने थीं, लेकिन हमने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया.

 

जनरल नरवणे ने अग्निपथ योजना के संदर्भ में कहा कि जब भी कोई नयी पॉलिसी आती है, तो उस पर चर्चा होती है. बस मैंने चर्चा के दौरान अपनी   बेबाक राय रखी थी. कहा कि एक बार जब फैसला ले लिया जाता है, तो उसे लागू करना सेना काम है.

 

अहम बात यह है कि बुधवार को प्रकाशक रूपा पब्लिकेशंस ने जनरल नरवणे की बहुप्रतीक्षित नयी किताब द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज (नॉन-फिक्शन) की घोषणा की है.

 

यह किताब भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के उन अनछुए पहलुओं और लोककथाओं को उजागर करती है जो अब तक पर्दे के पीछे थे.

 

जान लें कि यह किताब ऐसे समय में सामने आयी है जब इस साल की शुरुआत में उनकी पिछली संस्मरण पुस्तक फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी को लेकर देश की संसद से लेकर मीडि या तक में जबरदस्त विवाद देखने को मिला था.

 

वह किताब अब तक अप्रकाशित है.  लेकिन फिर उनकी नयी किताब के बाजार में आने की खबर से रक्षा गलियारों में हलचल मच गयी है. 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय  साझा करें  

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही