Ghatshila (Rajesh Chowbey) : कोर्ट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में घाटशिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सोमवार को न्यायिक कार्य से अपने को दूर. अधिवक्ता कोर्ट परिसर तो पहुंचे. लेकिन वे अपने टेबुल पर ही बैठे रहे. अधिवक्ताओं ने काला बिल्ला लगाकर कोर्ट फीस में बढ़ोतरी पर विरोध जताया. अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार कोर्ट फीस में बढ़ोतरी कर जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है. कोर्ट फीस में दोगुना से चारगुना की वृद्धि हुई है. अधिवक्ताओं ने कोर्ट फीस में बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग सरकार से की. इस संबंध में बार एसोसिएशन के महासचिव बबलू मुखर्जी ने कहा कि झारखंड सरकार पूरी तरह से गरीब विरोधी सरकार है. जिस तरह से कोर्ट फीस में वृद्धि की है इससे सही ढंग से गरीबों को न्यायालय में अपनी बात रखने में सक्षम नहीं होंगे. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-there-is-no-lightning-driver-in-government-schools-there-is-a-danger-of-lightning/">चक्रधरपुर
: सरकारी स्कूलों में नहीं है तड़ित चालक यंत्र, बना राहत है वज्रपात का खतरा उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनसेशन तथा सकसेशन फाइल करने में पहले जहां 30 हजार रुपया से 50 हजार रुपया तक कोर्ट फीस दिया जाता था पर अब वह बढ़कर 3 लाख रुपया हो गया है ऐसे में गरीबों को चाह कर भी हम अधिवक्ता उन्हें मदद नहीं पहुंचा सकते हैं. इसके लिए सरकार को अविलंब कोर्ट फी बढ़ोतरी को वापस लेना होगा. अधिकतर मामले गरीबों के ही न्यायालय में आते हैं. विरोध करने वालों में मुख्य रूप से अधिवक्ता शैलेश सिंह, आरके चटर्जी, मिथिलेश सिंह, बिंदेश्वरी महतो, उपेन भगत, मानस सेन, विश्वजीत दे, निखिल गुहा, बबलू सोरेन, सुनील सिंह, बप्पी पाल, सुमन चटर्जी, दीप्ति सिंह, सपन नंदी सहित काफी संख्या में अधिवक्ता शामिल थे. [wpse_comments_template]
घाटशिला : बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कोर्ट फी में बढ़ोत्तरी का किया विरोध

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