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घाटशिला : तीन साल बाद बुरुडीह के ग्रामीणों ने 13 शर्तों के साथ दी एयरपोर्ट निर्माण की सहमति

 
Ghatshila (Rajesh Chowbey) : पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार धालभूमगढ़ में हवाई अड्डा निर्माण को लेकर बुरुडीह गांव में मंगलवार को ग्राम प्रधान धनुराम सोरेन की अध्यक्षता में ग्रामसभा हुई. ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से एयरपोर्ट निर्माण में 13 शर्तों के साथ अपनी सहमति जताई. इससे पूर्व भी बुरुडीह गांव में एयरपोर्ट निर्माण के लिए छह से सात बार ग्रामसभा हो चुकी थी. इनमें ग्रामीणों ने एयरपोर्ट का विरोध किया था. ग्रामसभा में बीडीओ सबिता टोपनो, पार्षद हेमंत मुंडा, मुखिया पायो हेंब्रम, पंसस आशा रानी सीट, रोजगार सेवक सह ग्राम प्रधान प्रणव महतो, पंचायत सचिव संजय कुमार, वार्ड सदस्य लक्ष्मी मांडी के अलावा कई ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे. बीडीओ सबिता टोपनो एवं पार्षद हेमंत मुंडा ने ग्रामीणों से कहा कि एयरपोर्ट के लिए बुरुडीह मौजा के वनभूमि लगभग 96 एकड़ वन भूमि एयरपोर्ट निर्माण में ली जा रही है. इसमें बुरुडीह के किसी रैयतदार की जमीन नहीं जा रही है और न ही कोई विस्थापित हो रहा है. एयरपोर्ट निर्माण से क्षेत्र का विकास होगा. ग्रामसभा से सहमति नहीं मिलने के कारण तीन वर्षों से लटका हुआ है. एयरपोर्ट निर्माण में ग्रामसभा से सहमति की मांग की. ग्रामसभा में ग्राम प्रधान धनुराम सोरेन एवं ग्रामीणों ने प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों से कहा कि ग्रामीणों की मांगे हैं. प्रशासन व सरकार लिखित रूप से मांगों को पूरा करता है तो उन्हें एयरपोर्ट निर्माण में कोई आपत्ति नहीं है. इसके बाद बीडीओ के आदेश पर ग्रामीणों द्वारा 13 मांग को ग्रामसभा के रजिस्टर में अंकित किया और उसमें हस्ताक्षर भी किया. बीडीओ सबिता टोपनो ने कहा कि ग्रामीणों की मांगों को वरीय पदाधिकारियों को भेज दिया जाएगा. उन्हें एयरपोर्ट निर्माण में कोई आपत्ति नहीं है मांगों में मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-namya-smile-foundation-distributes-1200-menstrupedia-comic-books/">जमशेदपुर

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ये हैं 13 सूत्री मांग

एयरपोर्ट बनने से भविष्य में कोई विस्थापन न हो. कोई रैयती जमीन अधिग्रहण नही की जाए. बुरुडीह गांव के सभी रोजगार योग्यता के अनुसार काम दिया जाए. जिस गांव की वन भूमि अधिग्रहण की जा रही है, रोजगार में उस गांव को प्राथमिकता दी जाए. कालापाथर के देवस्थान को सुरक्षित रखा जाए. एयरपोर्ट बनने के बाद विभिन्न उद्योग एवं कल कारखाने लगाए जाएंगे तो प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को रोजगार मिले. सीएसआर फंड से निजी अस्पताल में इलाज कराने हेतु 50 प्रतिशत खर्च का वहन करें. एयरपोर्ट बनने के बाद बीपीएल परिवार के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत छूट मिलनी चाहिए. पोषक क्षेत्र के गरीब युवतियों की शादी के समय सहायता राशि मिलनी चाहिए. इसके अलावा प्रखंड क्षेत्र में एक बड़ा अस्पताल का निर्माण हो. लाइब्रेरी भवन का निर्माण हो. [wpse_comments_template]
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