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घाटशिला: काश! रोज आते मुख्यमंत्री सभी सड़कें हो जाती चकाचक...

 
Ghatshila (Rajesh Chowbey): काश! रोज मुख्यमंत्री शहर आते तो शायद शहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल जाती. वर्षों से घाटशिला शहर की रीढ़ कही जाने वाली सड़क रेलवे के थर्ड लाइन निर्माण के कारण सड़क तालाब में तब्दील होकर रह गई थी. आम लोगों के आग्रह के बावजूद तमाम जनप्रतिनिधि गोपालपुर शिव मंदिर के समीप जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं करा सके. इसे भी पढ़ें: घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-bjym-organized-a-seminar-on-emergency-day/">घाटशिला

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माझी बाबाओं के महासम्मेलन में आ रहे हैं हेमंत सोरेन

परंतु रविवार को माझी परगना महाल मैदान में आयोजित माझी बाबाओं के महासम्मेलन को संबोधित करने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आ रहे हैं. इसी सड़क से उन्हें महाल मैदान तक जाना होगा. इसके लिये शासन प्रशासन सड़क से जलजमाव को हटाने के लिये पोकलेन लगा दी ताकि मुख्यमंत्री का कारकेड सही से महाल मैदान तक पहुंच सके.

 महाल भवन के समीप भी समतल की गई सड़क

इतना ही नहीं महाल भवन के समीप एनएच सर्विस रोड से पावड़ा तथा कॉलेज रोड की सड़क को जोड़ने वाली कच्ची सड़क गड्ढे में तब्दील थी. उसे भी प्रशासन द्वारा भर कर समतल कर दिया गया. यह सारी व्यवस्था देख कर लोग अब कहने लगे हैं कि यदि मुख्यमंत्री ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आते तो वास्तव में उस क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल जाती. इसे भी पढ़ें: घाटशिला">https://lagatar.in/police-recovered-10-mobile-phones-missing-from-ghatshila-handed-over-to-the-concerned-persons/">घाटशिला

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