Ghatshila (Rajesh Chowbey) : विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा राज्य में 60:40 नियोजन नीति को वापस कर झारखंड के हित में नियोजन नीति लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को बंद का आह्वान किया गया था. बंद का घाटशिला में असर नहीं दिखा. घाटशिला व धालभूमगढ़ में बाजार आम दिनों की तरह खुली रहीं, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में काम की गति समान्य रही. परंतु बंद का असर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर दिखाई पड़ा. इस बंद के कारण लंबी दूरी की बसें कम चलीं. छोटे सवारी वाहन भी कम चले. इसके कारण मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोग वाहन के इंतजार में चौक-चौराहों पर इस भीषण गर्मी में वाहन का इंतजार करते देखे गए. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-jmm-block-committee-warns-those-who-comment-on-mla/">घाटशिला
: विधायक पर टिपण्णी करने वालो को झामुमो प्रखंड कमेटी ने दी चेतावनी बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. सभी थाना क्षेत्र में खुद थाना प्रभारी सुबह से ही पुलिस बल के जवानों के साथ गश्त करते नजर आए. एनएच-33 और 18 पर भी पुलिस गश्त लगाते नजर आयी. बंद के कारण सरकार द्वारा बुधवार को होने वाली 11वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. अब यह परीक्षा 20 अप्रैल को होगी. बंद को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति थी. लेकिन कोई भी समर्थक बंद कराने सड़क पर नहीं उतरे, जिसके कारण बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला. [wpse_comments_template]
घाटशिला : बंद बेअसर, कम चलीं यात्री बसें

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