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घाटशिला : पानी के रिसाव से अपना अस्तित्व खोता जा रहा है बुरुडीह डैम

Ghatshila (Rajesh Chowbey) : घाटशिला प्रखंड मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित बुरुडीह डैम की हसीन वादियां तीन राज्य के पर्यटकों को अपनी और खींच ले आती है. वर्ष 1983-84 में स्वर्णरेखा परियोजना द्वारा मुराही जलाशय योजना के अंतर्गत इसका निर्माण कराया गया था. चारों ओर पहाड़ों को बांधकर बीच में वृहद डैम का निर्माण किया गया है ताकि डैम के पानी से आसपास के क्षेत्र के लोग आसानी से खेती कर सकें. परंतु, वर्षों से लगातार डैम के पानी का रिसाव होने से यह डैम अब अपने अस्तित्व को खोता जा रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-chiefs-husband-accused-of-cheating-in-the-name-of-getting-land/">जमशेदपुर

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जनप्रतिनिधियों से लीकेज बंद कराने का आग्रह

विभागीय उदासीनता इसका सबसे बड़ा कारण है. इसके प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए झारखंड, बंगाल एवं ओडिशा से लगभग लाखों की संख्या में लोग आते है. यहां प्रत्येक वर्ष अक्टूबर से लेकर फरवरी तक पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है. स्थानीय ग्रामीण रायसेन हेम्ब्रम, रामचंद्र मुर्मू, दुलाल मुर्गा ने सांसद, विधायक एवं विभागीय अभियंताओं से आग्रह किया है कि डैम का लीकेज बंद कराया जाए. लीकेज बंद होने से सिंचाई के लिए पानी के साथ ही साथ पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा. इस दिशा में सकारात्मक पहल की जरूरत है. [wpse_comments_template]

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