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घाटशिला : आवासीय विद्यालय से नामांकन के दो दिन बाद बच्चे को निकाला

 
Ghatshila (Rajesh Chowbey) : महुलिया पंचायत के ऊपरडांगा टोला में भाड़े पर रह रहे मंदिरा बनर्जी नामक महिला से घाटशीला के बड़ाजुड़ी स्थित भारत सेवा आश्रम संघ स्वामी प्रणवानंद विद्या मंदिर (आवासीय विद्यालय) के प्रधानाध्यापक सुप्रभात मुखर्जी पर नामांकन के नाम पर पैसा लेकर बच्चों को नामांकन करने के बाद भी स्कूल से निकाल देने और पैसा वापस नहीं करने का आरोप लगाया है. इस मामले को लेकर पीड़ित महिला ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि सुप्रभात मुखर्जी ने कक्षा चार में दो बच्चों की नामांकन हेतु 46 हजार रुपये लिए, मगर ठीक दो दिन बाद बच्चों को विद्यालय से ये कह कर निकाल दिया कि आपका दोनों बच्चा बहुत बदमाश है. इसके बाद महिला द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बाद भी न ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक और न ही भारत सेवा आश्रम के स्वामी इस संबंध में बातचीत करने को तैयार हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-ganja-smuggler-sentenced-to-20-years-and-fined-four-lakhs/">जमशेदपुर

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महिला ने पंसस शिला गोप से बताई आपबीती

महिला ने पहले पंचायत के पंसस शिलागोप को आपबीती बताई. उसके बाद पंसस के साथ बीडीओ एवं गालूडीह थाना को भी सुचित की. आवेदन के आलोक में मंदिरा बेनर्जी ने कहा है कि मेरे पति प्रदीप बनर्जी पैर से दिव्यांग हैं. वह चल फिर नहीं सकते मेरे दो बच्चे सायन बनर्जी और दीपायन बनर्जी को 7 अप्रैल को प्रति बच्चे 23 हजार रुपये के हिसाब से कुल 46 हजार रुपया उधार लेकर बच्चे की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हेतु घाटशिला के बड़ाजुड़ी स्थित भारत सेवा आश्रम संघ स्वामी प्रणवानंद विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में कक्षा चार में नामांकन कराया. नामांकन हेतु मुझे एक कागज में 23 हजार रुपया प्रति बच्चे की हिसाब से कुल 46 हजार रुपया का रसीद दिया जिसमें विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुप्रभात मुखर्जी ने हस्ताक्षर और मुहर लगा कर दिया. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-purendra-gave-suggestion-for-solution-of-drinking-water-crisis-took-out-peace-march-and-handed-over-mem/">आदित्यपुर

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सोमवार तक उन्हें लौटा दिया जाएगा पैसा

नामांकन के ठीक दो दिन बाद हीं मेरे बच्चों को बदमाश बोलकर विद्यालय से निकाल दिया गया. मैंने दो दिन का खर्च काटकर बाकी पैसे वापस करने की मांग की. मगर पैसा वापस नहीं दिया और न हीं इस संबंध में कोई बातचीत किया. उधार लिए राशि को कैसे चुकता करूं ये सबसे बड़ी समस्या है. इस संबंध में सुप्रभात मुखर्जी ने कहा कि वह नामांकन के नाम पर पैसा लेकर आश्रम के स्वामी को दिया था, पैसा वापस करने को लेकर वे की कुछ कह सकते थे जबकी स्वामी का कहना है कि बच्चे स्कूल के नियम कानून को नही मानते है और खाने में मछली, चिकेन और अंडा की मांग कर रहे थे, यह हमारे आश्रम के आदर्शों के खिलाफ है. इसलिए दोनों बच्चों को स्कूल से हटा दिया गया. जहां तक पैसे की बात है तो वह सोमवार तक उन्हें लौटा दिया जाएगा. [wpse_comments_template]
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