Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

घाटशिला कॉलेज : सूचना के अधिकार अधिनियम पर कार्यशाला

Advertisement
Advertisement
Ghatshila (Rajesh Chowbey) : घाटशिला कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा पीजी ब्लॉक के कमरा संख्या 6 में सोमवार को कार्यशाला आयोजित की गई. विषय था "सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 उपयोगिता और दुरूपयोग". उक्त विषय पर व्याख्यान के लिए मुख्य वक्ता के रूप आरटीआई कार्यकर्ता संघ, जिला अध्यक्ष व अधिवक्ता दिल बहादुर शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ आरके चौधरी ने की. उन्होंने अधिवक्ता दिल बहादुर को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया. कार्यक्रम का संचालन और विषय प्रवेश प्रो. इंदल पासवान ने किया. इस मौके पर अधिवक्ता दिलबहादुर ने कहा कि विश्व में सबसे पहले स्वीडन ने सूचना का अधिकार कानून 1766 में लागू किया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-listening-to-the-story-of-shiva-purana-in-the-month-of-purushottam-opens-the-doors-of-salvation-acharya-rajendra-ji-maharaj/">जमशेदपुर

: पुरुषोत्तम मास में शिव पुराण की कथा का श्रवण खोलता है मुक्ति के द्वार- आचार्य राजेंद्र जी महाराज
उसके बाद फ्रांस, कनाडा, मेक्सिको के बाद भारत में वर्ष 2005 में यह अधिनियम लागू किया गया. अभी भारत समेत लगभग 80 देशों में यह अधिनियम लागू होकर लोकतंत्र की शोभा बढ़ा रहा है. लोकतांत्रिक शाशन व्यवस्था के लिए सूचना का अधिकार का मिलना एक क्रांतिकारी कदम है. परंतु इस अधिकार की उपयोगिता नागरिकों के जागरूक और साहस पर निर्भर करती हैं. शाशन में पारदर्शिता लाने में इस कानून ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-listening-to-the-story-of-shiva-purana-in-the-month-of-purushottam-opens-the-doors-of-salvation-acharya-rajendra-ji-maharaj/">जमशेदपुर

: पुरुषोत्तम मास में शिव पुराण की कथा का श्रवण खोलता है मुक्ति के द्वार- आचार्य राजेंद्र जी महाराज
साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ में इस अधिनियम का दुरुपयोग कर रहे हैं, इससे बचने की आवश्यकता है. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन महाविद्याय में आरटीआई अधिकारी डॉ. कन्हाई बारीक ने किया. मौके पर जमशेदपुर के कई आरटीआई कार्यकर्ता भी शामिल हुए. इस अवसर पर डॉ नरेश कुमार, डॉ एस पी सिंह, डॉ संदीप चंन्द्रा, डॉ. कुमार विशाल, प्रो. मो. सज्जाद, प्रो. विकाश मुंडा, डा संजेश तिवारी, डॉ. कंचन सिन्हा, शंकर महाली, माणिक मार्डी के साथ काफी संख्या में विद्यार्थियों उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही