Ghatshila (Rajesh Chowbey) : घाटशिला रेलवे स्टेशन पर रविवार रविवार को शहर के विभिन्न बांग्ला भाषी संगठन के द्वारा स्टेशन का नाम बांग्ला भाषा में लिखे जाने को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. धरना के बाद प्रतिनिधि मंडल द्वारा घाटशिला रेलवे स्टेशन प्रबंधक एसके सिंह को डीआरएम के नाम ज्ञापन सौंपा. धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए गौरीकुंज उन्नयन समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी ने कहा कि घाटशिला क्षेत्र में लगभग 80% लोग बांग्ला भाषा आम बोलचाल में उपयोग करते हैं. साथ ही साथ यहां के अधिकतर व्यवसाय पश्चिम बंगाल से ही समान लाते हैं. इसके अलावा प्रत्येक वर्ष अक्टूबर महीने से लेकर मार्च महीने तक पश्चिम बंगाल के पर्यटकों की भीड़ रहती है. उन्होंने कहा कि हम बंगाली समुदाय का किसी भी भाषा को लेकर कोई नाराजगी नहीं है पर हमारे भाषा में पूर्व में जिस तरह रेलवे स्टेशन का नाम लिखा गया था उसी तरह बांग्ला भाषा में फिर से लिखा जाए. इसे भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-camp-did-not-take-place-in-bank-mod-chamber-office-people-returned-without-taking-booster-dose/">धनबाद:
बैंक मोड़ चेंबर कार्यालय में नहीं लगा कैंप, बूस्टर डोज लिये बिना लौटे लोग उन्होंने सांसद विद्युत वरण महतो तथा बहरागोड़ा के विधायक समीर महंती का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों जन प्रतिनिधि बांग्ला भाषा में शपथ ग्रहण करते हैं पर इन्हें अपने भाषा से कितना प्रेम है यह स्पष्ट दर्शाता है. धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से रविंद्र नाथ दास, अमित सेन, शुभाशीष गुहा, उज्जवल सिन्हा, वीरेंद्र नाथ घोष, कंचन कर, प्रदीप पत्रा, अमिता बोस, मृणाल कांति विश्वास, उत्तम दास, तपन कुमार महतो, साधु चरण पाल, जयंत चटर्जी, सहित काफी संख्या में बांगाली समाज के लोग शामिल थे. [wpse_comments_template]
घाटशिला : रेलवे स्टेशन का नाम बांग्ला में लिखने के लिए दिया धरना

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