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: सीएम हेमंत सोरेन से अपील, टोरी फ्लाई ओवर का शुरू कराएं निर्माण बरखा दीदी ने कहा कि शिव जगत गुरु हैं. अतएव जगत का एक-एक व्यक्ति चाहे वह किसी धर्म, जाति, संप्रदाय, लिंग का हो, शिव को अपना गुरु बना सकता है. शिव के शिष्य होने के लिए किसी पारंपरिक औपचारिकता अथवा दीक्षा की आवश्यकता नहीं है. केवल यह विचार कि शिव मेरा गुरु है, शिष्य की शिष्यता की स्वमेव शुरुआत करता है. इसी विचार का स्थायी होना आपको शिव का शिष्य बनाता है. उन्होंने कहा कि साहब श्री हरीन्द्रानन्द 1974 में शिव को अपना गुरु माना, 1980 के दशक आते-आते शिव की शिष्या की अवधारणा विभिन्न स्थानों पर व्यापक तौर पर फैलती चली गयी. इससे पूर्व विराट शिव गुरु महोत्सव के दौरन 20 से 25 हजार गुरु बहनें और शिव गुरु को मानने वाले भक्त दाहीगोड़ा सर्कस मैदान में जमा हुए थे. इसे भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-the-problems-of-electricity-consumers-were-resolved-in-the-energy-fair/">धनबाद:
ऊर्जा मेला में हुआ बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का निपटारा लोगों की भीड़ से पूरा घाटशिला और मऊभंडार की सड़कें पट गई थीं. इस समारोह को लेकर भव्य पंडाल की निर्माण किया गया था और मंच को फूलों के संजाया गया था. इस समारोह का आयोजन घाटशिला में 12 साल बाद हो रहा था. इस महोत्सव में भाग लेने के लिए पूरे राज्य के कई जिलों से लोग एकत्रित हुए थे. कार्यक्रम के आयोजन में लाल बाबू, विमल कुमार सिंह, जयराम, तपन कुमार मित्रा, अनुजा भारती, अरविंद कुमार सिंह, हरिलाल शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, सुषमा सिंह देव, रेखा देवी, नगीना पंडित समेत हजारों भक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. [wpse_comments_template]

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