Ghatshila (Rajesh Chowbey) : इरबाईन स्कूल दाहीगोड़ा के प्रधानाध्यापक सह बाइकर्स जॉर्ज रंजीत हेम्ब्रम एवं शिक्षक मरबिन टुडू 5500 किलोमीटर की दूरी तय कर 20 दिन में घाटशिला लौट आए. घाटशिला से लंबी दूरी तय करने के लिए रवाना हुए थे. गुरुवार को विद्यालय में बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हर बाइकर्स के लिए एक सपना होता है कि वह लद्दाख व लेह जाए. दुनिया का सबसे कठिन रास्ता है. सबसे ऊंची चोटी खारमुला 17983 किलोमीटर ऊंचाई पर है. वहां पहुंचने के बाद ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. उस जगह पर बस पहाड़ और बर्फ है. हम लोगों को विदेश के भी बाइकर्स मिले थे.
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: गुवा खदान प्रबंधन सारंडा जंगल में मिट्टी डम्प कर पर्यावरण को पहुंचा रहा नुकसान हर दिन 12 घंटे सफर किया
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/Ghatshila-Leh-Laddakh-jorj-1-300x139.jpg"
alt="" width="300" height="139" /> यात्रा कर लौटने के बाद जानकारी देते प्रधानाध्यापक जॉर्ज रंजीत हेम्ब्रम.[/caption] 20 दिनों के सफर में बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने कहा कि हर दिन 12 घंटे बाइक चलाते थे. कई राज्य के सफर करने के बाद मंजिल तक पहुंचे थे हर राज्य में विभिन्न तरह की वेशभूषा खानपान देखने और खाने को मिला. जॉर्ज ने कहा कि अपने स्कूल के बच्चों को भी इसके बारे में बताऊंगा, जिससे उनको भी इसकी जानकारी हो. इस अवसर पर विद्यालय के सुरेश चौहान उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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