: सारंडा के छोटानागरा में लगा स्वास्थ्य जांच शिविर, ग्रामीणों को किया गया जागरूक
70 विद्यार्थी परीक्षा देने से रह गये थे वंचित
नामांकन लेते समय महाविद्यालय के नाम का असली रसीद कॉलेज के मुहर के साथ दिया गया, आईडी कार्ड भी दिया गया जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य का हस्ताक्षर का मुहर भी था, साथ ही साथ उन सभी विद्यार्थियों को महाविद्यालय द्वारा नियमित कक्षाएं भी कराई गई. प्रथम वर्ष का फाइनल परीक्षा देने के लिए परीक्षा फॉर्म भी जमा कराया गया. जब विद्यार्थी परीक्षा प्रवेश पत्र लेने गये तब उन्हें परीक्षा प्रवेश पत्र नहीं दिया गया जिसके कारण सभी विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए. इस विषय में जानकारी ली तो पता चला कि इसकी शिकायत पर दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है. लेकिन सभी छात्रों का भविष्य अंधकार हो गया है.सभी विद्यार्थियों के परिवार की आर्थिक स्थिति है कमजोर
इन सभी विद्यार्थी के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है जिसके कारण पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो गये हैं. नामांकन का कोई ठिकाना नहीं है. 1 वर्ष का समय बर्बाद हो चुका है इसका जानकारी संबंधित पदाधिकारी को दी गई इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. विधायक रामदास सोरेन तथा विधायक समीर महंती ने महाविद्यालय कॉलेज प्रशासन से वार्ता कर नामांकन के लिए पहल की है फिर भी कॉलेज प्रशासन वर्तमान सत्र 2022-24 में नामांकन नहीं कर रही है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-seminar-on-entrepreneurship-and-empowerment-of-indian-women-organized-at-womens-college/">चाईबासा: महिला कॉलेज में ‘भारतीय महिला की उद्यमशीलता और सशक्तीकरण’ पर सेमिनार आयोजित

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