Search

घाटशिला : केंदाडीह माइंस में लोको का ब्रेक फेल, ऑपरेटर गंभीर, एक हाथ कटा

Ghatshila (Rajesh Chowbey) : हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की केंदाडीह कॉपर माइंस में शनिवार की रात बड़ी दुर्घटना हुई है. इस दुर्घटना में ओडिशा निवासी लोको ऑपरेटर मानस रंजन आईच गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. जानकारी के अनुसार मानस रंजन आईच वैंडिंग ऑपरेटर के पद पर बहाल थे. परंतु माइंस को संचालित करने वाली ठेका कंपनी जॉय माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (जेएमएस) के अधिकारियों ने मानस को नियम को ताख पर रखकर लोको ऑपरेट करने के लिए भेज दिया. जबकि लोको ऑपरेटर काफी कुशल होना चाहिए. इस घटना में उनका दाहिना हाथ कट गया है और बांया पैर भी गंभीर चोट आई है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-after-dumping-iron-ore-in-rungta-plant-the-driver-parked-the-vehicle-on-the-roadside-the-passers-by-were-getting-upset/">चाईबासा

: रुंगटा प्लांट में लौह अयस्क डम्प कर चालक वाहन को सड़क किनारे कर रहे खड़ा, राहगीर हो रहे परेशान

इलाज के लिए टीएमएच अस्पताल भेजा गया

[caption id="attachment_402410" align="aligncenter" width="1075"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/9-4.jpeg"

alt="" width="1075" height="575" /> दुर्घटना में चकनाचूर लोको.[/caption] मज़दूरों ने बताया कि लोको का ब्रेक फेल हो गया था जिसके कारण मानस लोको के साथ तेजी से कई फिट गहरे सूट में गिर गए. इसके कारण लोको चकनाचूर हो गया और लोको ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया. इसमें उनके पैर और पूरे शरीर में गंभीर चोटें आई हैं. उन्हें आनन-फानन में ठेका कंपनी जॉय माइनिंग के अधिकारियों ने रातों-रात आईसीसी वर्कर्स अस्पताल मौभंडार ले गया, जहां से उसे जमशेदपुर टीएमएच अस्पताल भेजा गया. बताया जाता है उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने एडमिट करने से इंकार कर दिया. इसके बाद उन्हें निजी उमा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया. उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-entire-state-is-in-a-state-of-confusion-due-to-the-current-political-situation-in-the-state-nitin-prakash/">चाईबासा

: राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति से पूरा राज्य उहापोह की स्थिति में : नितिन प्रकाश

मजदूर दहशत में 

घटना की जानकारी ओडिशा में उनके परिवार को दी गई है.  परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए हैं. परंतु इस घटना से ठेका कंपनी जॉय माइनिंग पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है कि यह ठेका कंपनी सुरक्षा मानकों का कितना पालन कर रही है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं पहले भी केन्दाडीह माइंस में हो चुकी है. परंतु उससे सबक लेते हुए सुरक्षा मानकों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा. इसके कारण माइंस में काम करने वाले अन्य मजदूर भी दहशत में दिखाई देते हैं. मज़दूर बताते हैं कि अपने परिवार का पेट भरने के लिए मजबूरी में हम इस माइंस में कार्य कर रहे हैं. लेकिन मजदूरों की सुरक्षा के प्रति एचसीएल/ आईसीसी प्रबंधन जिम्मेदारी लेता है और ना ही ठेका कंपनी जॉय माइनिंग अपनी जमीदारी सुनिश्चित करती है, इन दोनों के बीच मजदूर पीस रहे है. बताते चलें कि जब से यह माइंस चालू हुई है, तब से लेकर अब तक कुछ ना कुछ व्यवधान इस माइंस संचालन को लेकर होता रहा है. कभी बहाली को लेकर कभी सुरक्षा मानकों को लेकर आंदोलन होते रहे हैं. इससे यह साफ जाहिर होता है कि प्रबंधन कितना लापरवाह है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-after-getting-the-roof-done-in-mango-the-laborers-were-tied-up-and-beaten-for-asking-for-money/">जमशेदपुर

: मानगो में छत ढलाई के बाद रुपये मांगने पर मजदूरों को बांधकर पीटा
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp