Ghatshila (Rajesh Chowbey) : रंकिणी मंदिर परिसर में सोमवार की शाम पावड़ा तथा बागूला गांव के ग्रामीणों की बैठक देश परगना बैजू मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में चर्चा किया गया कि राजघराने के समय से चली आ रही बिंधा मेला का आयोजन वर्ष 2020 से बंद है इसे दोबारा शुरू किया जाए. बिंदा मेला के पूर्व मां रंकणी मंदिर में कडा काटा का आयोजन किया जाता था इसके अलावा पाठा तथा भेड़ की बलि दी जाती थी. इस परंपरा की भी शुरुआत करना है. इसके लिए नई कमेटी का गठन कर इस आयोजन की शुरुआत की जाएगी. देश परगना बैजू मुर्मू ने कहा कि राजघराने के समय से चली आ रही प्रथा को बंद होने नहीं दिया जाएगा. 6 तथा 7 अक्टूबर को कडा काटा तथा मेला का आयोजन इस वर्ष से पुनः शुरू होगा. इसमें मंदिर कमेटी का भी सहयोग जरूरी है. मौके पर मुख्य रूप से पुजारी योगा पांडा, रंकिनी पांडा, जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू, मुखिया पार्वती मुर्मू, विश्वनाथ दंडपात, पूर्व मुखिया बैजू मुर्मू, मेघराय बेसरा, राजेश हेंब्रम सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : खरसावां">https://lagatar.in/kharsawan-antyodaya-is-our-goal-india-becomes-the-fifth-largest-economy-in-the-world-arjun-munda/">खरसावां
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