Ghatshila (Rajesh Chowbey) : संथाली छात्र की ओर से घाटशिला स्थित
फुलडुंगरी चौक पर मंगलवार को झारखंड सरकार के सचिव स्तरीय पदाधिकारियों का पुतला दहन किया
गया. झारखंड में कुछ अधिकारियों द्वारा झारखंड के क्षेत्रीय भाषा
ओलचिकी लिपि का विरोध किया जा रहा
है. जिससे संथाली छात्र नाराज होकर झारखंड के कुछ अधिकारियों का पुतला दहन
किया. पुतला दहन का मुख्य कारण है झारखंड में रहकर झारखंड के भाषा
ओलचिकी लिपि का विरोध
करना. झारखंड की भाषा का विरोध कर रहे हैं इसका मतलब हम सब का विरोध कर रहे
हैं. यह हम लोग कभी बर्दाश्त नहीं
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: रैयतों को मुआवजा भुगतान के लिए कैम्प का आयोजन अनुवाद करने का कार्य जेसीईआरटी के पदाधिकारियों को दी गई
छात्र नेता
सुदाम हेम्ब्रम ने कहा कि कक्षा एक से कक्षा पांचवीं तक
संताली भाषा
ओलचिकी लिपि में अनुवाद करने का कार्य दिया गया था जिसमें
जेसीईआरटी के पदाधिकारियों ने
ओलचिकी लिपि को खारिज करते हुए
पुनः देवनागरी लिपि में कार्य करा रहे
हैं. जबकि झारखंड सरकार ने कक्षा एक से पांचवीं तक
ओलचिकी लिपि में छापने की आदेश दिए थे कई अधिकारियों के मनमानी से
संताली भाषा
ओलचिकी लिपि में नहीं छाप कर देवनागरी लिपि से छाप रहे
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: विधायक ने बेटी की शादी के लिए किया आर्थिक सहयोग नहीं चलेगी अधिकारियों की मनमानी
अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी इन सभी अधिकारियों का विरोध करते
हैं. आदिवासी छात्र संघ के युवा नेता
दांदू माण्डी का कहना है झारखंड के क्षेत्रीय भाषा
संताली ओलचिकी लिपि के साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं
करेंगे. सरकार के आदेशानुसार कक्षा एक से पांचवीं तक के किताबों को
संताली भाषा
ओलचिकी लिपि में नहीं छापी जाएगी तो हम सब इसका जोरदार विरोध
करेंगे. आदिवासी छात्र संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार कर्मचारी को काम करना
चाहिए. अगर सरकार के आदेशानुसार काम नहीं कर पा रहे हैं तो इस्तीफा दे
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