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घाटशिला : बीजारोपण ही पर्यावरण संरक्षण की पहली सोपान : कविता परमार

Ghatshila (Rajesh Chowbey) : आदिम विकास पुस्तकालय चेंगजोड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोमवार को पर्यावरण संरक्षण जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि नारी शक्ति आयाम जमशेदपुर विभाग द्वारा किया गया. मौके पर मुख्य अतिथि पर्यावरण गतिविधि नारी शक्ति कार्य विभाग के प्रांत प्रमुख सह जिला परिषद सदस्य डॉ. कविता परमार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति व पर्यावरणविद डॉ विनीता परमार उपस्थित थे. कार्यक्रम का थीम "पेड़ लगाओ प्लास्टिक भगाओ" था. अतिथियों द्वारा समिति के सदस्यों के साथ बीजारोपण कर अभियान की शुरुआत की गयी. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-manjhi-pargana-mahal-strongly-opposed-the-construction-of-heavy-vehicle-training-center-in-khairbani-garbage-plant-and-manpita/">जमशेदपुर

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महुआ, शाल, लीची, जामुन, नीम आदि बीज का बीजारोपण किया गया. मुख्य अतिथि डॉ कविता परमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक रूप से बहुत सारे पौधों ने जन्म लेना बंद कर दिया है, इसलिए बीजारोपण से पौधरोपण अभियान की शुरुआत की गयी है. बीजारोपण ही पर्यावरण संरक्षण की पहली सोपान है. इससे आने वाली पीढ़ी जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान को झेलने में सक्षम होगी. उन्होंने कहा कि पॉलीथिन का प्रयोग जीवों के लिए खतरनाक है. जिप सदस्य कुसुम पूर्ति ने एक पेड़ देश के नाम तथा पर्यावरणविद डॉ विनीता ने प्रकृति के महत्व और आदिवासी संस्कृति का प्रकृति से प्रेम विषय पर समिति के सदस्यों के साथ विचार साझा किए. इस मौके पर ईश्वर हांसदा, गोपीनाथ मुर्मू, सुदाम मुर्मू , दुलाल हांसदा, पियो मुर्मू, मिरु मुर्मू समेत अनेक लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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