Ghatshila (Rajesh Chowbey) : अनुमंडल के जर्जर पड़े प्रमुख पर्यटन स्थल के जल्द सुधरने की उम्मीद दिखने लगी है, क्योंकि सरकार ने अनुमंडल के लगभग सभी प्रमुख पर्यटन स्थल को पर्यटन स्थल का दर्जा देते हुए इसे अपने गजट में शामिल किया है. इससे यह साफ हो गया है कि हर पर्यटन स्थल को सरकार के पर्यटन (टुरिज्म) विभाग अपने फंड विकास करेगा. घाटशिला अनुमंडल में बुरुडीह डैम, धारागिरी जल प्रपात, गालूडीह बराज, बिभूती भुषण बंदोपध्याय का आवास गौरी कुंज, पांच पांडव, नरसिंहगढ़ राजबाड़ी. चित्रेश्वर मंदिर बहरागोड़ा, लखाईडीह डुमरिया, पहाड़भांगा डुमरिया, जादूगोड़ा रंकिणी मंदिर शामिल है. इस सभी को गजट में शामिल होने का मतलब है कि इसका संपूर्ण विकास का जिम्मा अब पर्यटन विभाग का होगा. इस संबंध में विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि घाटशिला अनुमंडल में जितने भी प्रमुख पर्यटन स्थल थे सभी में हजारों पर्यटक हर साल आते जरुर थे, लेकिन सरकार द्वारा इसे मान्यता नही दिया गया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-three-days-metallography-in-engineering-alloys-exercise-mp-23-begins-at-csir-nml/">जमशेदपुर
: सीएसआईआर-एनएमएल में तीन दिवसीय ”इंजीनियरिंग मिश्र धातुओं में मेटलोग्राफी अभ्यास (एमपी-23)” आरंभ घाटशिला विधान सभा में इसको लेकर सभी विधायकों ने अपने अपने क्षेत्र के पर्यटन स्थल को लेकर कई बार सवाल उठाये जिसके बाद सरकार द्वारा इसे गजट में शामिल कर लिया गया है. यह पुरे क्षेत्र के लिए सुखदायी खबर है कि सभी स्थलों का दशा और दिशा अब सुधरेगी. जानकारी के अनुसार घाटशिला अनुमंडल में खासकर घाटशिला, धालभूमगढ़, जादूगोड़ा क्षेत्र के लोग पर्यटन से होने वाले कमाई पर ही निर्भर रहते है. यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर प्रत्येक वर्ष हजारों पर्यटक धुमने और यहां के प्राकृतिक छंटा को निहारने आते है. पर्यटको से होने वाले आमदनी से ही होटल लांज, चार पहिया वाहन, टेंपु चालक, रिक्शा चालक, शराब कारोबारी, व्यवसायी समेत सैंकड़ो लोगो का रोटी रोजी चलता है. लेकिन सभी पर्यटन स्थल का समुचित विकास नही होने के कारण पर्यटक पर्यटन स्थल से निराश होकर चले जाते थे, लेकिन सरकार के इस निर्णय से पर्यटन स्थल के दिन बहुरने के आसार दिखने लगे है. [wpse_comments_template]
: सीएसआईआर-एनएमएल में तीन दिवसीय ”इंजीनियरिंग मिश्र धातुओं में मेटलोग्राफी अभ्यास (एमपी-23)” आरंभ घाटशिला विधान सभा में इसको लेकर सभी विधायकों ने अपने अपने क्षेत्र के पर्यटन स्थल को लेकर कई बार सवाल उठाये जिसके बाद सरकार द्वारा इसे गजट में शामिल कर लिया गया है. यह पुरे क्षेत्र के लिए सुखदायी खबर है कि सभी स्थलों का दशा और दिशा अब सुधरेगी. जानकारी के अनुसार घाटशिला अनुमंडल में खासकर घाटशिला, धालभूमगढ़, जादूगोड़ा क्षेत्र के लोग पर्यटन से होने वाले कमाई पर ही निर्भर रहते है. यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर प्रत्येक वर्ष हजारों पर्यटक धुमने और यहां के प्राकृतिक छंटा को निहारने आते है. पर्यटको से होने वाले आमदनी से ही होटल लांज, चार पहिया वाहन, टेंपु चालक, रिक्शा चालक, शराब कारोबारी, व्यवसायी समेत सैंकड़ो लोगो का रोटी रोजी चलता है. लेकिन सभी पर्यटन स्थल का समुचित विकास नही होने के कारण पर्यटक पर्यटन स्थल से निराश होकर चले जाते थे, लेकिन सरकार के इस निर्णय से पर्यटन स्थल के दिन बहुरने के आसार दिखने लगे है. [wpse_comments_template]
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