Ghatshila (Rajesh Chowbey) : धालभूमगढ़ प्रखंड क्षेत्र के तीन उर्दू विद्यालयों में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के मौखिक आदेश का पालन नहीं किया जाएगा. इन स्कूलों में शुक्रवार को ही अवकाश रहेगा. उल्लेखनीय है कि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने विद्यालयों में उर्दू शब्द हटाने और शुक्रवार को विद्यालय खोलने का मौखिक आदेश दिया है. इस आदेश पर उत्क्रमित उच्च विद्यालय जुगीशोल उर्दू विद्यालय परिसर में ग्राम शिक्षा समिति, प्रबंध समिति, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक में निर्णय लिया गया 1936 से यह विद्यालय उर्दू विद्यालय के नाम से संचालित हो रहा है. वर्तमान में इस विद्यालय में वर्ग एक से 10वीं तक के बच्चों का पठन-पाठन होता है. कुल 242 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. वर्ष 2012 में मध्य विद्यालय को उत्क्रमित करते हुए उच्च विद्यालय किया गया. इस विद्यालय में 100 प्रतिशत अल्पसंख्यक बच्चे पढ़ते हैं. इसे भी पढ़ें : बिहार">https://lagatar.in/bihar-mother-daughter-and-grandson-going-to-show-the-child-to-the-doctor-died-after-being-cut-off-from-the-train/">बिहार
: बच्चे को डॉक्टर से दिखाने जा रही मां, बेटी और नाती की ट्रेन से कट कर मौत नियमानुसार शुरू से ही शुक्रवार को जुम्मा होने के कारण अवकाश रहता है और रविवार को कार्य दिवस रहता है. इसलिए सभी ग्रामवािसयों ने निर्णय लिया है कि यह नियम पहले की तरह ही रहने दिया जाए. इसके लिए विद्यालय के नाम में उर्दू शब्द को भी रखा जाए. इससे संबंधित मांग पत्र बीईईओ की अनुपस्थिति में रीना काश्त को सौंपा गया. मौके पर मुखिया चैतन मुर्मू, शेख शहजाद, मो. आसिफ, शेख रमीजुद्दीन, इनामुल अली, उप प्रमुख सुकरा मुंडा आदि मौजूद थे. इसके अलावा दोलकी उर्दू विद्यालय के प्रबंध समिति की ओर से भी बीईईओ के नाम मांग पत्र इनामुल अली एवं ग्रामीणों ने सौंपा. [wpse_comments_template]
घाटशिला : 1936 से संचालित उर्दू विद्यालय शुक्रवार को पूर्व की तरह बंद रहेगा

Leave a Comment