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घाटशिला की बेटी शिल्पी महापात्रा बनी डॉक्टर. हाउस सर्जन के रूप में उड़ीसा में है कार्यरत

 
Ghatshils (Rajesh Chowbey) : घाटशिला प्रखंड क्षेत्र निवासी डॉ. चितरंजन महापात्रा एवं माता डॉ. अनीता महापात्रा की बेटी शिल्पी महापात्रा ने नीट की परीक्षा वर्ष 2018 में 4200वां रैंक लाकर उड़ीसा के महाराज कृष्ण चंद्र गजपति मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (एमकेएसीजी) बहरामपुर से सामान्य वर्ग में एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने के बाद वर्तमान में उसी कॉलेज में हाउस सर्जन के रूप में योगदान दे रही है. इस संबंध में शिल्पी महापात्रा की मां डॉ. अनीता महापात्रा ने बताया कि माली हालत इतनी खराब थी कि स्कूल का 12 सो रुपए का फीस नहीं दे पाते थे. शिल्पी के पिता चितरंजन महापात्रो की इच्छा थी कि वे चिकित्सक बने परंतु पैसे की कमी के कारण उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री नहीं कर पाए. गांव की जमीन बेची और बेटी को पढ़ा कर डॉक्टर बनाया. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-the-chief-provided-kits-to-the-players-of-the-football-team/">किरीबुरू

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2017 में पास की थी राज्य स्तरीय नीट परीक्षा

उनका सपना बेटी ने पूरा किया यह काफी गर्व की बात है. आज प्राइवेट कॉलेज में एमबीबीएस करने के लिए करोड़ों रुपए की जरूरत होती है. बेटी ने वर्ष 2017 में राज्य स्तरीय नीट में पास की थी परंतु उसका सपना था कि वे सेंट्रल लेवल की परीक्षा पास कर डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करें. उसने अपनी मेहनत और लगन से वर्ष 2018 में परीक्षा देकर केंद्रीय स्तर पर मेडिकल की परीक्षा पास की. शिल्पी के डॉक्टर बनने पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था. उसकी सफलता पर माता-पिता, आस-पड़ोस के लोगों ने खुशी जाहिर की है. [wpse_comments_template]
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