Giridih: प्रशिक्षण समाप्ति के बाद 23 मई को 27 प्रशिक्षु एएनएम ने सरकारी सेवा देने के लिए सदर अस्पताल में बॉन्ड भरा. विदित हो कि राज्य सरकार द्वारा मार्च माह में निकाले गए नए फरमान के बाद अब एएनएम को प्रशिक्षण के बाद एक साल की सरकारी सेवा देनी होगी. इस कारण प्रशिक्षण के बाद एएनएम से सेवा बांड भराई जा रही है. नए सत्र में नामांकन के वक्त ही इस आशय की बांड भराई जाएगी. सेवा नहीं देने पर एक लाख का जुर्माना का प्रावधान है. सेवा के बदले राज्य सरकार उन्हें मानदेय भी देगी. सीएस डॉ एसपी मिश्रा ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा के बदले प्रशिक्षण प्राप्त एएनएम को हर माह 10 हजार मानदेय दी जाएगी. नए फरमान के बाद नर्सो को प्रशिक्षण के बाद नई नौकरी तलाशने का टेंशन नहीं रहेगा. कोविड काल में खली थी कमी सिविल सर्जन डॉ मिश्रा ने कहा कि कोविड काल में चिकित्सक सहित एएनएम की कमी खली थी. मानव संसाधनों की कमी के कारण विभाग को बड़ी आफत झेलनी पड़ी थी. अब सरकारी अस्पताल को एएनएम की कमी नहीं होगी. विदित हो कि राज्य के 10 सदर अस्पतालों में एएनएम ट्रेनिंग स्कूल संचालित की जा रही है. ऐसे संस्थानों से हर साल 300 एएनएम प्रशिक्षण प्राप्त करती है. बांड भरने के बाद ऐसी एएनएम को प्रावधान का पालन करना होगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=645737&action=edit">यह
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